सभी Indian Superfoods हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं और इनमें सभी nutrients भी भरपूर मात्रा में होते हैं। तो आइए, जानते हैं 5 ऐसे ही superfoods के बारे में और उनको खाने से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता है।1. काला चनासबसे पहले बात करते हैं काले चने की। काले चने में complex carbohydrate होता है, जो धीरे-धीरे पचता है और शरीर को लंबे समय तक energy देता है। इसमें मौज़ूद protein हमारी मांसपेशियां को मजबूत बनाता हैं। काले चने में fiber भी भरपूर मात्रा में होता है, जो digestion को सुधारता है और कब्ज़ (constipation) की समस्या को दूर करता है। इसमें मौज़ूद iron, शरीर में blood की मात्रा बढ़ाने में भी मदद करता है, जिससे शरीर में कमजोरी और थकान नहीं होती।2. काजूअब बात करते हैं काजू की। काजू सिर्फ tasty ही नहीं, बल्कि बहुत ही nutritious भी होते हैं।काजू में calcium और magnesium होता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है। इसमें healthy fats भी होते हैं, जो cholesterol को balanced रखते हैं और heart diseases से बचाते हैं। काजू में vitamin B6 होता है, जो brain cells को nutrition देता है और memory को तेज करता है। इसमें मौज़ूद antioxidants, skin को glowing बनाते हैं और झुर्रियों को कम करते हैं।3. अनारअब समझते हैं अनार के बारे में। अनार में iron होता है, जो शरीर में blood की कमी को दूर करता है और anemia से बचाता है। इसमें vitamin C और antioxidants भी मौजूद होते हैं, जो शरीर की immunity को मजबूत बनाते हैं। अनार blood को साफ करता है और blood pressure को control में रखता है, जिससे heart attack और stroke का खतरा कम हो जाता है।4. लौकीअब जानते हैं लौकी के फ़ायदे! लौकी को पेट के लिए हल्का और पचने में आसान माना जाता है। लौकी में calories बहुत कम और पानी बहुत ज्यादा होता है, जिससे weight loss में मदद मिलती है।गर्मियों में लौकी खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और dehydration से बचाव होता है। इसमें fiber भी मौजूद होता है, जो stomach की समस्याओं को दूर करता है। लौकी blood pressure को control करने में भी मदद करती है, जिससे heart से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है।5. गन्नाआख़िर में आता है गन्ना। गन्ने का रस तो सभी को पसंद होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है? गन्ने में मौजूद natural sugar शरीर को तुरंत energy देती है और थकान दूर करती है।गन्ना liver को detox करता है और jaundice जैसी diseases से बचाव करता है। गन्ने का रस stomach acidity को कम करता है और digestion को बेहतर बनाता है। इसमें calcium, potassium और magnesium जैसे minerals भी मौजूद होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और osteoporosis से बचाते हैं।तो अगर हम अपनी daily diet में इन Indian Superfoods को शामिल करें, तो ना सिर्फ हमारी health अच्छी रहेगी, बल्कि कई diseases से बचाव भी होगा।इसलिए अगली बार जब भी कुछ healthy खाने का मन हो, तो इन superfoods को अपनी diet में जरूर शामिल करें।Source:- 1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC5188421/2. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6408729/3. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC4007340/4. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6342787/5. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC4441162/
Poop का हरा हो जाना एक आम बात है। अगर poop का सिर्फ़ रंग बदला हुआ दिख रहा है, तो चिंता की कोई बात नहीं है।अब सवाल आता है कि आखिर poop हरा क्यों हो जाता है?1. खान पानसबसे बड़ा कारण आपका खान-पान होता है। अगर आप ज्यादा हरी सब्जियां खाते हैं – जैसे पालक (spinach) या broccoli – तो इनका हरा रंग आपके poop में भी आ सकता है। इन सब्जियों में chlorophyll नाम का एक pigment होता है, जो इन सब्ज़ियों को हरा बनाता है और वही आपके शरीर से बाहर भी आ जाता है। सिर्फ हरी सब्जियां ही नहीं, अगर आपने ये चीज़ें खाई हैं, तो भी poop का रंग हरा हो सकता है –नीले या बैंगनी रंग के फल और सब्जियां, जैसे नीलबदरी (blueberry)हरे फल – मक्खनफ़ल (avocado) और हरा सेब (green apple)हरे पत्तेदार मसाले – तुलसी और धनियाGreen tea powder (matcha)या फिर पिस्ता!सब्जियों और फलों के कारण हुआ poop का हरा रंग एक से दो दिन में अपने आप ठीक हो जाता हैGreen poop को लेकर अब भी सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं भरोसेमंद और verified sources से सही जानकारी।2. खाने में मौजूद रंग (Food dye)अगर आपने कोई ऐसी चीज़ खाई है जिसमें हरे रंग का food dye मिलाया गया हो – जैसे green cake या green candy – तो इसका असर भी आपके poop के रंग पर पड़ सकता है।और सिर्फ हरा ही नहीं, बल्कि नीला या बैंगनी रंग भी जब पेट के अंदर digestive juices से मिलता है, तो poop को हरा बना देता है। लेकिन, जैसे ही वो food dye आपके system से बाहर निकल जाता है, वैसे ही आपका poop normal रंग हो जाता है!3. दवाइयां!कई बार कुछ दवाइयां भी poop के रंग को बदल सकती हैं। खासतौर पर antibiotics! ये दवाइयां आपके पेट में मौजूद अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का balance बदल देती हैं, जिससे poop का रंग थोड़ा हरा हो सकता है।इसके अलावा, अगर आपको दस्त (diarrhoea) हो गया है, तो poop में ज्यादा पित्त (bile juice) निकल सकता है, जिसके कारण उसका रंग हरा हो सकता है।4. Infection!अगर आपके पेट में कोई bacteria, virus या parasite घुस गया है, तो भी poop का रंग हरा हो सकता है। ये bacteria, virus और parasite अलग अलग प्रकार के हो सकते हैं, जैसे-Salmonella या E. Coli BacteriaNorovirusऔर, Giardia parasite!अगर poop का रंग हरा होने के साथ-साथ आपको पेट में दर्द, उल्टी या कमजोरी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।5. Digestive System से जुड़ी बीमारियां!कुछ बीमारियां भी poop के हरे होने का कारण बन सकती हैं। जैसे –Irritable Bowel Syndrome (IBS) - यह digestive system की एक बीमारी है, जिसमें पेट दर्द, गैस, कब्ज (constipation) या दस्त (diarrhea) जैसी समस्याएँ होती हैं।Ulcerative Colitis - यह large intestine की सूजन और छालों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें लगातार दस्त (diarrhea) और खून आ सकता है।Crohn's Disease - यह सूजन से related बीमारी है, जो digestive system के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है।अगर आपकी gallbladder surgery हुई है, तो भी आपके poop का रंग हरा हो सकता है!डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?हरे रंग के poop के साथ, अगर आपको ये लक्षण हैं, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें –लगातार पेट में दर्द होनाअचानक वजन कम होनाPoop में खून आना या Poop का बहुत हल्का (पीला-सफेद) रंग हो जानातेज़ बुखारया फिर, लगातार उल्टी आना।अगली बार अगर poop में हरा रंग दिख जाए, तो सबसे पहले सोचें कि आख़िर मैंने खाया क्या था!Source:-1. https://health.clevelandclinic.org/green-poop2. https://www.webmd.com/digestive-disorders/what-do-different-poop-colors-mean3. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25681196/4. https://www.england.nhs.uk/wp-content/uploads/2023/07/Bristol-stool-chart-for-carer-web-version.pdf5. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC8629020/
आज हम उन खास खाने की चीज़ों के बारे में बात करेंगे, जो थायरॉइड को कम करने में मदद कर सकती हैं। तो चलिए, जानते हैं इनके बारे में।Yogurtदही खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह हमारी थायरॉइड ग्रंथि को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसमें कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर की कमजोरी को दूर करता है। अगर आप थायरॉइड को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो रोज़ अपने खाने में दही ज़रूर शामिल करें।मछली (Fish)अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो मछली आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो थायरॉइड से जुड़ी सूजन को कम करने में मदद करता है। यह बालों के झड़ने की समस्या को भी कम करता है और त्वचा को चमकदार बनाता है। इसलिए, थायरॉइड को ठीक रखने के लिए मछली खाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।सेब (Apple)सेब सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें एक खास तरह का फाइबर (पेक्टिन) होता है, जो शरीर से गंदे टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर होता है और कब्ज की समस्या भी दूर हो सकती है। अगर आप थायरॉइड को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो रोज़ एक सेब ज़रूर खाएं।Green Teaग्रीन टी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या कम हो सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं और तनाव को कम करके मन को शांत रखते हैं। अगर आप थायरॉइड को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो दिन में एक या दो कप ग्रीन टी ज़रूर पिएं।शकरकंद (Sweet Potato)शकरकंद खाने से शरीर को विटामिन ए मिलता है, जो थायरॉइड ग्रंथि को ठीक से काम करने में मदद करता है। यह शरीर की थकान और कब्ज जैसी समस्याओं को भी कम कर सकता है। इसलिए, थायरॉइड की परेशानी से बचने के लिए अपनी डाइट में शकरकंद ज़रूर शामिल करें।तो दोस्तों, अगर आपको थायरॉइड की समस्या है, तो इन खाने की चीज़ों को अपनी रोज़मर्रा की डाइट में शामिल करें और खुद को सेहतमंद रखें!Source:- 1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC11314468/2. https://www.healthifyme.com/blog/foods-to-avoid-for-hyperthyroidism/3. https://www.healthifyme.com/blog/how-to-control-thyroid-issues/4. https://health.clevelandclinic.org/hypothyroidism-diet5. https://health.clevelandclinic.org/thyroid-issues-what-you-need-to-know-about-diet-and-supplements
क्या आपने कभी प्रीबायोटिक्स के बारे में सुना है?प्रीबायोटिक्स ऐसे फाइबर होते हैं जो हमारे शरीर में पचते नहीं हैं, लेकिन हमारे पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने और पाचन तंत्र को सही से काम करने में मदद करते हैं।आज हम बात करेंगे कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की, जो नैचुरल प्रीबायोटिक्स हैं और जिन्हें अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने पेट को स्वस्थ रख सकते हैं।1. लहसुन (Garlic)लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है!इसमें इन्यूलिन (Inulin) FOS (Fructooligosaccharides) नाम के प्रीबायोटिक्स होते हैं, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसे खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ती है और शरीर में सूजन (inflammation) कम होती है।2. प्याज (Onion)प्याज हर किसी की किचन में होता ही है, लेकिन क्या आपको पता है कि यह भी प्रीबायोटिक्स से भरपूर होता है?इसमें भी इन्यूलिन और एफओएस (Fructooligosaccharides) पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाता है। प्याज शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है और हाई ब्लड प्रेशर को रोकता है।3. केला (Banana)केला तो हम सभी खाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इसमें भी प्रीबायोटिक्स होते हैं?केले में इन्यूलिन नाम का फाइबर पाया जाता है, जो आपके पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है!इससे आपका पाचन तंत्र बेहतर होता है। अगर आपको अक्सर पेट में सूजन या भारीपन महसूस होता है, तो केले को अपनी डाइट में ज़रूर शामिल करें।4. जई (Oats)क्या आप जानते हैं कि जई आपके पेट के बैक्टीरिया के लिए कितना फायदेमंद है?इसमें एक खास तरह का पानी में घुलनशील फाइबर होता है, जिसे बीटा-ग्लूकन (Beta Glucan) कहते हैं।यह फाइबर आंतों की सेहत को बेहतर बनाता है, कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। तो, अपनी डाइट में इस सुपरफूड को शामिल करना ना भूलें।5. सेब (Apple)अब बात करते हैं सेब की! इसमें एक खास तरह का फाइबर होता है, जिसे पेक्टिन (Pectin) कहते हैं। यह भी पानी में घुलनशील फाइबर होता है, जो हमारे पेट में जाकर अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है।सबसे खास बात? पेक्टिन पेट में शॉर्ट चेन फैटी एसिड्स (SCFAs) बनाने में मदद करता है, जो आंतों की परत को मजबूत बनाते हैं और पेट की सूजन को कम करते हैं! इतना ही नहीं, यह कब्ज़ (constipation) की समस्या को भी दूर कर सकता है।ये थे 5 बेहतरीन खाद्य पदार्थ जो आपके पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करेंगे!Source:- 1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6041804/2. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC9505924/3. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3705355/4. https://www.webmd.com/diet/foods-high-in-prebiotic5. https://www.webmd.com/digestive-disorders/prebiotics-overview
हल्दी वाला दूध (Golden Milk) सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद Curcumin नाम का compound शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है।हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को क्या फायदे होते हैं और यह कैसे काम करता है।हड्डियों के मजबूती की। हल्दी दूध हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद Curcumin हड्डियों की density को बढ़ाने में मदद करता है। यह हड्डियों को flexible बनाता है, जिससे Osteoporosis जैसी समस्याओं से बचाव हो सकता है। साथ ही, Curcumin हड्डीयों को मजबूत करने वाले cells को भी active करता है, जिससे हड्डियों का damage repair तेजी से होता है। हल्दी दूध पीने से उम्र बढ़ने के बावजूद हड्डियों की सेहत ठीक रहती है।Anti-Aging यानी बुढ़ापे को रोकने की! हल्दी दूध बुढ़ापे से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। इसमें मौजूद Antioxidants शरीर को Free Radicals से बचाते हैं, जो cells को नुकसान पहुंचाकर समय से पहले बुढ़ापा लाते हैं। हल्दी दूध शरीर में सूजन को भी कम करता है, जिससे झुर्रियां और skin का ढीलापन कम हो सकता है। इसके अलावा, यह Metabolism को भी तेज करता है, जिससे शरीर में चर्बी कम होती है और Toxins बाहर निकलते हैं। इससे वजन balanced और शरीर healthy रहता है।दिमाग हल्दी दूध brain के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद Curcumin दिमाग में सूजन को कम करता है और Neurons की development में मदद करता है। यह Alzheimer's जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करता है और याददाश्त को मजबूत बनाता है। हल्दी दूध brain cells को नुकसान पहुंचाने वाले toxins को खत्म करता है, जिससे दिमागी सेहत बनी रहती है। इसमें मौजूद Curcumin, blood brain barrier को पार करके, दिमाग को Cerebral ischemia/reperfusion injury (एक प्रकार का stroke) से भी बचाव करता है।बीमारियाँ इतनी तेजी से फैल रही हैं कि immunity strong होना बेहद जरूरी है। हल्दी दूध शरीर को Viral infections से बचाने में मदद करता है। Curcumin में Antiviral properties होती हैं, जो कई तरह के Virus को खत्म कर सकती हैं। एक Research के अनुसार, Curcumin Dengue, Chikungunya, Herpes और Zika Virus जैसे infections को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह शरीर की immunity को भी बढ़ाता है, जिससे शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताक़त मिलती है।liver हमारा liver दिनभर शरीर के toxins को बाहर निकालने का काम करता है, लेकिन अगर वो खुद ही खराब हो जाए, तो शरीर में गंदगी जमा हो जाती है। हल्दी दूध Liver को Detox करने में मदद करता है। यह शरीर से toxins को बाहर निकालता है और Liver की working capacity को भी बढ़ाता है। हल्दी में मौजूद Curcumin Oxidation को रोकता है और Liver cells की मरम्मत में मदद करता है। इसके अलावा, यह Liver Enzymes को active रखता है, जो शरीर में जमी गंदगी को साफ करने का काम करते हैं।हल्दी दूध कोई मामूली drink नहीं, बल्कि एक superfood है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। तो आज से ही इसे अपनी daily routine में शामिल करें!Source:- 1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC8990857/2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK92752/3. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC7522354/4. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK548561/5. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/29065496/
Fiber एक तरह का nutrient है जो हमारे शरीर के digestive system के लिए बहुत जरूरी है। यह भोजन को पचाने में मदद करता है, पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है और कब्ज (constipation) जैसी समस्याओं से भी बचाता है।आइए जानते हैं किन-किन foods में fiber ज़्यादा मात्रा में पाया जाता है और यह हमारे शरीर के लिए कितना फायदेमंद है।Beans (राजमा और छोले)Beans fiber का एक बेहतरीन source हैं! एक कटोरी beans में 4 से 10 ग्राम तक fiber होता है, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद resistant starch fiber blood sugar को control करता है, जिससे diabetes का खतरा कम होता है। Beans में soluble और insoluble fiber भी पाए जाते हैं, जो खराब cholesterol (LDL) को कम करके दिल को healthy बनाते हैं और आंतों (intestine) की सफाई करके पेट को दुरुस्त रखते हैं।नाशपाती (Pear)अगर आप मीठा खाने के शौकीन है, तो नाशपाती आपके लिए perfect option है! एक medium size के नाशपाती में 5.5 ग्राम fiber होता है। इसमें मौज़ूद Pectin fiber पेट में good bacteria को बढ़ाता है, जिससे digestion अच्छा रहता है। इतना ही नहीं, नाशपाती में pectin नाम का soluble fiber पाया जाता है, जिससे कब्ज (constipation) की दिक्कत कम हो जाती है।मक्खनफ़ल (Avocado)आधे कप avocado में 5 ग्राम fiber होता है, और यह बाकी फलों से थोड़ा अलग है क्योंकि इसमें healthy fats भी होते हैं! इसमें मौज़ूद Glucomannan fiber भूख को control करता है, जिससे weight loss में मदद मिलती है। Avocado में soluble और insoluble fiber भी पाए जाते हैं, जो शरीर को अच्छे से detox करने में मदद करते हैं।रसभरी (Raspberry)ये छोटे-छोटे लाल रंग के fruit दिखने में जितने खूबसूरत हैं, उतने ही फायदेमंद भी हैं! आधे कप raspberry में 4 ग्राम fiber होता है, और इसमें मौज़ूद Pectin fiber digestive system को मजबूत बनाता है। इतना ही नहीं, raspberry में insoluble fiber भी पाया जाता है, जो bowel movement को आसान बनाने में मदद करता है।जई (Oats)एक कप कच्चे जई में 8 ग्राम fiber होता है। इसमें मौजूद beta-glucan fiber cholesterol को कम करके दिल को healthy रखता है। जई में पाया जाने वाला cellulose fiber digestive system को बेहतर बनाता है और कब्ज (constipation) की समस्या को दूर करने में मदद करता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे भूख कम लगती है।सब्जा के बीज (Chia Seeds)अगर आपको जल्दी भूख लगती है, तो सब्जा के बीज आपकी बड़ी मदद कर सकते हैं! एक मुट्ठी सब्जा के बीज में 9.75 ग्राम fiber होता है। इसमें Mucilage नाम का एक गाढ़ा चिपचिपा fiber पाया जाता है, जो सब्जा के बीजों को पानी में भिगोने से gel जैसी layer बना देता है। यह पेट के लिए फायदेमंद होता है और वजन घटाने में भी help करता है।तो दोस्तों, इन high fiber foods को अपनी diet में जरूर शामिल करें!Source:-1. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/32644459/2. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC7589116/3. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC9268622/4. https://www.webmd.com/cholesterol-management/features/fiber-groceries5. https://www.webmd.com/diet/high-fiber-foods
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो आपके मन में ये सवाल जरूर आता होगा कि रोटी ज्यादा फायदेमंद है या rice?दोनों ही हमारे खाने का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इनका असर हमारे शरीर पर अलग-अलग होता है। चलिए समझते हैं कि ये दोनों कैसे आपको वजन घटाने में मदद कर सकते हैं।Roti vs Rice को लेकर अब भी सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं भरोसेमंद और verified sources से सही जानकारी।1. Nutrientsरोटी और rice दोनों ही carbohydrate का अच्छा source हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर हैरोटी:रोटी में fiber, protein, iron और magnesium पाया जाता है। गेहूं की रोटी में complex carbohydrates होते हैं, जो धीरे-धीरे पचते हैं। इसके कारण आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।इतना ही नहीं, बाजरा, ज्वार, चने या जौ की रोटी में fiber एवं protein की मात्रा और भी ज़्यादा होती है, जो वजन घटाने में और मददगार होती है।Rice:White rice में carbohydrates बहुत ज़्यादा होता है, लेकिन इसमें fiber कम होता है, जिससे यह जल्दी पच जाता है और फिर भूख भी जल्दी लगती है।लेकिन, brown और red rice में ज्यादा fiber और antioxidants होते हैं, जो digestion को सही रखते हैं और वजन कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, brown और red rice में magnesium और vitamin B6 भी होते है, जो metabolism को बेहतर करते है।2. Glycemic Index - GIकिसी खाने की चीज़ में कितना Glycemic Index है उससे यह पता चलता है कि वह हमारे खून में शुगर (glucose) को कितनी तेजी से बढ़ाएगी। जिन चीजों का GI ज़्यादा होता है, वे जल्दी शुगर बढ़ाते हैं, जबकि कम GI वाले foods शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं। कम GI वाले foods हमारे शरीर के लिए बेहतर माने जाते हैं क्योंकि वे हमें धीरे-धीरे energy देते हैं और diabetes जैसी समस्याओं से बचाते हैं।रोटी का GI:गेहूं की रोटी का GI 30-55 के आसपास होता है, जो low से medium के range में आता है।वहीं, बाजरा, ज्वार और चने की रोटी का GI गेहूं की रोटी से भी कम होता है, जिससे ये वजन घटाने में मददगार साबित हो सकते हैं।Low GI होने के कारण रोटी धीरे-धीरे glucose छोड़ती है, जिससे blood sugar control में रहता है और जल्दी भूख नहीं लगती।Rice का GI:White rice का GI लगभग 70-90 के बीच में होता है, जो इसे एक high GI food बनाता है। इसका मतलब यह जल्दी पच जाता है और blood sugar को तेज़ी से बढ़ाता है।Brown rice का GI 50-55 के आसपास होता है, जो इसे White rice से बेहतर बनाता है।Red rice और black rice में fiber और antioxidants होते हैं, जिसके कारण इनका GI White rice से बेहद कम होता है और ये वजन घटाने में मदद कर सकते हैं।3. Hunger Control और Digestionवजन कम करने के लिए यह ज़रूरी है कि हमने जो खाना खाया है, वह लंबे समय तक पेट को भरा रखे और हमें जल्दी भूख न लगे।रोटी:Fiber और protein ज्यादा होने के कारण रोटी, rice की तुलना में लंबे समय तक पेट को भरा रखती है।Multigrain रोटी (जैसे जौ, चना, बाजरा, सोयाबीन वाली रोटी) और भी ज्यादा फायदेमंद होती हैं क्योंकि इनमें ज्यादा nutrition होता है और ये digestion को slow कर देती हैं।Rice:White rice जल्दी पच जाता है और इसे खाने के कुछ समय बाद ही हमें फिर से भूख लगने लगती है।Brown rice और red rice में fiber ज्यादा होता है, जिससे वे White rice की तुलना में थोड़ा slow पचते हैं।तो Weight Loss करने के लिए आख़िर क्या खाएं?अगर आप white rice खाना चाहते हैं, तो उसे दाल, सब्ज़ी या दही के साथ खाएं ताकि उसका GI कम हो और वह धीरे-धीरे पचे।अगर आपको जल्दी energy चाहिए और खाना जल्दी पचाना चाहते हैं, तो rice आपके लिए एक अच्छा option है, लेकिन weight loss करने के लिए White rice से बचें और brown या red rice खायें।अगर आप चाहते हैं कि आपका पेट लंबे समय तक भरा रहे, आपको जल्दी भूख न लगे और blood sugar control में रहे, तो आपके लिए रोटी बेहतर option है, खासकर बाजरा, ज्वार, चना या जौ की रोटी। ये weight loss में भी काफी फायदेमंद साबित होगी।वजन कम करने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह हो सकता है कि आप अपनी diet को balanced रखें। आप weight loss करने के लिए दिन में brown rice या red rice ले सकते हैं और रात में fiber वाली रोटी।Source:- 1. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/33336992/2. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/31619639/3. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10609867/4. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/39942075/5. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10814883/
बहुत ही जल्द हम सबका पसंदीदा रंगों का त्योहार होली आने वाला है तो सबसे पहले Medwiki की तरफ से आप सभी को Happy Holi.पर हम सभी चाहते हैं कि आप सभी की होली मस्त के साथ साथ healthy भी हो, इसलिए आइए बात करते हैं होली के रंग कैसे हमारी health पर असर डालते हैं और हम होली को enjoy करते करते कैसे अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं।Skin की Allergyहोली के रंगों में industrial dyes और chemicals होते हैं जिनसे skin allergy होने का खतरा रहता है। इसकी वजह से शरीर पर rashes, redness, मुंहासे और खुजली भी हो सकती है इसलिए synthetic colours की जगह natural colours का इस्तेमाल करें और रंग खेलने से पहले अपनी body पर नारियल का तेल लगाना न भूलें।सांस की बीमारीहोली के रंग Respiratory issues (सांस की बीमारी) का भी कारण बन सकते हैं। रंगों में मौजूद chemicals की वजह से asthma, bronchitis, and COPD (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) जैसी परेशानियां और बढ़ सकती हैं इसलिए अगर आपको किसी भी प्रकार की सांस की problem है और आपको होली खेलना बहुत पसंद है तो रंगों को थोड़ा गीला करके खेलें, सूखे रंग आपकी problem को बढ़ा सकते हैं। साथ ही mask लगा कर ही थोड़ा बहुत होली खेलें। जो लोग inhaler use करते हैं वो inhaler पूरा वक़्त अपने साथ ही रखें।आँखों को नुकसानहमारी आंखें बहुत ही sensitive होती हैं और ये रंग हमारी आँखों को बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन रंगों खतरनाक chemicals होते हैं जिनकी वजह से आँखें लाल, आँखों में दर्द और आँखों से पानी निकलने जैसी problems हो सकती हैं। इसलिए होली खेलते समय ध्यान रखें की रंग आँखों के आस पास ना लगे। काला चश्मा पहन कर होली खेलना भी एक अच्छा तरीका है अपनी आँखों को safe रखने का।पेट का infectionहोली खेलते समय हम सभी कभी ग़ुज़िया तो कभी शक्करपारे खाते रहते हैं। रंग वाले हाथों से खाने से ये सभी chemicals हमारे पेट में जाकर infection कर सकते हैं। इसलिए कुछ भी खाने से पहले हाथों को अच्छे से साबुन से धो लें और तला भुना कम ही खाएं।बस यही कुछ छोटे छोटे नुस्खों को ध्यान में रख कर अपनी होली के त्यौहार को मस्त के साथ साथ healthy भी बनाएं। एक बार फिर से हम सबकी तरफ से आपको और आपके परिवार को Happy Holi .Source:- https://redcliffelabs.com/myhealth/health/holi-hai-enjoying-the-festivities-with-mindful-eating-and-allergy-awareness/
Shorts
घर पर ORS बनाने का सही तरीका क्या है?
Mrs. Prerna Trivedi
Nutritionist
सांसों की बदबू कैसे दूर करें? जानिए कारण और आसान उपाय!
Mrs. Prerna Trivedi
Nutritionist
खाने के कुछ देर बाद brush करना क्यों सही होता है?
Mrs. Prerna Trivedi
Nutritionist
क्या आप जानते हैं कि गर्मियों में बेल खाना क्यों ज़रूरी है?
Drx. Salony Priya
MBA (Pharmaceutical Management)













