प्रदूषण से लड़े खातिर एह खाद्य पदार्थन के अपना आहार में शामिल करीं:Broccoli अवुरी पालक : इ एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होखेला जवन कि आपके शरीर के डिटॉक्स करे में मदद करेला । तुलसी अवुरी अदरक: एकरा के अपना चाय में डाल दीं औरी एहसे आपके गला ठीक होखे में मदद मिली, अवुरी संगे-संगे प्रतिरक्षा भी बढ़ी ।गुड़/ Jaggery: इ पारंपरिक भारतीय मिठाई आपके फेफड़ा से विषाक्त पदार्थ के हटावे में मदद करेला ।संतरा अवुरी अमरूद जईसन विटामिन सी से भरपूर फल खाईं उ आपके फेफड़ा के मजबूत बनावेले,बादाम आ अखरोट, ई प्रदूषण के कारण होखे वाला सूजन के कम करे लें। गला साफ राखे खातिर शहद के संगे गुनका पानी पी लीं। प्रदूषण संरक्षण खातिर घरेलू उपाय में रउरा कुछ टिप्स के पालन कर सकेनी, सबेरे एक चम्मच च्यवनप्राश खाईं, इ इम्यूनिटी बढ़ेला, 5.कपूर या अगरबत्ती जरा के घर के भीतर प्रदूषण कम हो जाला, नमक वाले पानी से नाक धो लीं, इ आपके नाक के वायुमार्ग के डिटॉक्स क देवेला। लेकिन का इ उपाय काफी बा? बिल्कुल ना। आईं जान लीं कि जब रउरा बाहर निकलब त अपना के कइसे बचावल जाव? जब भी बाहर निकले के बा त N95 मास्क पहिनी, सबेरे टहलला से बचे के कोशिश करीं, काहे कि सबेरे प्रदूषण के स्तर 30% तक जादा होखेला, घर के भीतर के पौधा जइसे कि एलोवेरा आ snake plant के अपना घर में रखीं, वायु प्रदूषण से सुरक्षित रहे खातिर बोनस टिप्स: घर में, खासकर बेडरूम में air purifier के इस्तेमाल करीं, तले भा तेल वाला खाद्य पदार्थ से परहेज करे के कोशिश करीं, उ लोग विषाक्त पदार्थ से लड़े में आपके शरीर के धीमा क देवेले, रात में हल्दी के दूध पीये के आदत बनाईं, इ एगो प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी पेय ह। वायु प्रदूषण एगो अदृश्य दुश्मन ह, लेकिन आप अपना जीवनशैली में प्रभावी बदलाव क के एकरा से लड़ सकतानी।सुपरफूड के अपना आहार में शामिल करीं, सरल टिप्स के पालन करीं अवुरी जाड़ा के धुंध के खिलाफ अपना शरीर के मजबूत करीं।Source:-1. https://cpcb.nic.in/national-air-quality-index/ 2. https://airquality.cpcb.gov.in/AQI_India/ 3. https://moef.gov.in/pollution
भारत में जाड़ा के मतलब खाली आरामदायक स्वेटर पहिने आ गरम चाय पीये के ना होला, ई समय बा कुछ कम जानल-मानल सुपरफूड के आनंद लेबे के जवन रउरा स्वास्थ्य खातिर बढ़िया होला,चलीं 5 गो आश्चर्यजनक खाद्य पदार्थन पर नजर डालल जाव जवना के बारे में रउरा शायद कबो ना सुनले होखब,ककड़ी (Cucumber Melon): ककड़ी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर के डिटॉक्स करे अवुरी हानिकारक विषाक्त पदार्थ के बाहर निकाले में मदद करेला।इ एगो हल्का अवुरी हेल्दी स्नैक भी ह जवन कि आपके प्रतिरक्षा प्रणाली के प्राकृतिक रूप से बढ़ावेला, जाड़ा में जब जाड़ा से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाला त ककड़ी खईला से आपके शरीर संक्रमण से लड़े खाती तैयार हो जाला।शतावरी (Asparagus Racemosus): शतावरी के वंडर जड़ी बूटी कहल जाला काहे कि एहमें विटामिन ए, सी, आ ई भरपूर मात्रा में होला, जाड़ा में ई जड़ीबूटी संक्रमण आ मौसमी बेमारी से बचाव में बहुते कारगर होला, एकरा अलावे शतावरी जाड़ा के मौसम में शरीर के हाइड्रेशन अवुरी पाचन के भी समर्थन करेले।अमरंत (Rajgira): अमरांत एगो प्राचीन अनाज ह जवना के पूरा सुपरफूड मानल जाला, अमरांत में आयरन, फाइबर, अवुरी मैग्नीशियम के मात्रा बहुत होखेला, जवन कि दिल के स्वास्थ्य के मदद करेला, जाड़ा के समय ई ऊर्जा के स्तर के भी बरकरार रखे ला जेवना से जाड़ा में सुस्ती दूर हो जाला।सहजान (Moringa): मोरिंगा में विटामिन सी, कैल्शियम, पोटेशियम, अवुरी अमीनो एसिड होखेला, जवन कि जाड़ा के समय शरीर के बहुत ताकत देवेला, जाड़ा के दौरान नियमित रूप से मोरिंगा के सेवन से आपके प्रतिरक्षा प्रणाली 50% तक मजबूत हो सकता, जाड़ा में एकरा के सूप, चाय, चाहे सलाद में मिला के अधिकतम फायदा उठावल जा सकता।लाल साग (Kale): Kale, जवना के अक्सर अनदेखी कईल जाला, विटामिन ए, सी अवुरी के भरपूर स्रोत ह,जाड़ा के ए सुपरफूड के एंटीऑक्सीडेंट गुण, पुरान बेमारी, जईसे कि दिल के समस्या अवुरी डायबिटीज के खतरा के 15% तक कम क सकता। Kale में फाइबर भरपूर होखेला अवुरी कैलोरी कम होखेला, जवन कि वजन के प्रबंधन में भी मदद करेला।अगर रउआ जाड़ा के स्वस्थ अवुरी पोषक तत्व से भरपूर आहार योजना के तलाश में बानी त लाल साग के एक बेर जरूर आजमाईं।जाड़ा के ई कम जानल-मानल सुपरफूड रउरा थाली में होखे के चाहीं, रउरा फोन पर ना, इ ना सिर्फ पोषक तत्व से भरपूर होखेला, बालुक जाड़ा के महीना में आपके स्वस्थ, मजबूत अवुरी ऊर्जावान भी राखेला। त का इंतजार बा? एह जाड़ा में एह भारतीय मौसमी खाद्य पदार्थन के अपना आहार में शामिल करीं, आ अपना शरीर के ऊ पोषण दीं जवना के ऊ हकदार बा!Source:-1. https://vigyanprasar.gov.in 2. https://www.indiascienceandtechnology.gov.in/
दाँत में दर्द सचमुच निराशाजनक हो सकता! दर्द हल्का से लेके गंभीर तक हो सकता। दाँत में दर्द के कारण दांत के सड़ल, मसूड़ा के समस्या भा चोट हो सकता। दाँत दर्द के अनदेखी कईल महंगा हो सकता, एहसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क कईल जरूरी बा, लेकिन कबो-कबो घर में तुरंत राहत के जरूरत पड़ेला।इ 7 आसान घरेलू उपाय आपके घर में दांत दर्द कम करे में मदद क सकता:ठंडी सिकाई (Cold Compress):बर्फ के तौलिया में लपेट लीं भा आइस पैक के इस्तेमाल करीं, ओकरा के अपना चेहरा के ओह हिस्सा पर राखीं जहाँ दर्द होखे. इ सूजन कम करेला अवुरी दर्द से राहत देवेला। शाम के हर 2 घंटा में 15 से 20 मिनट तक अयीसन कईला से रात में सुते के समय दर्द के संभावना कम हो जाला।लौंग का तेल (Clove Oil):लौंग के तेल में यूजेनॉल होखेला जवन कि प्राकृतिक दर्द निवारक ह। दर्द वाला जगह के सुन्न क देवेला, जवना से दर्द ना महसूस होखे। एकर इस्तेमाल तीन तरह से कइल जा सकेला. कुछ लौंग पानी में भिगो के पेस्ट बना के दर्द वाला दांत प लगाई,या ई पेस्ट खाली चाय के थैली में डाल के मुँह में रख दीं,अगर रउरा चाहत बानी त लौंग के धीरे-धीरे चबा के भा चूस के दर्द वाला दाँत के नजदीक भी रख सकेनी,सिर को ऊंचा करके सोएं (Raise Your Head):सुतत घरी माथा के नीचे अधिका तकिया राखे के चाहीं, सिर के शरीर से ऊँच रखला से दबाव अवुरी दर्द कम हो सकता।नमक वाले पानी से कुल्ला (Salt Water Rinse): एक चम्मच नमक के गुनगुना पानी में मिला के कुल्ला करीं। नमक एगो प्राकृतिक जीवाणुरोधी एजेंट ह, जवन सूजन के कम करेला अवुरी दांत के संक्रमण से बचावेला। दिन में कई बेर अयीसन करीं।पुदीना के चाय: पुदीना के चाय पी लीं भा दर्दनाक दाँत प पुदीना के चाय के थैली डाल दीं। पुदीना में एंटीबैक्टीरियल अवुरी एंटीऑक्सीडेंट होखेला, जवन कि दर्द वाला जगह के सुन्न क के दर्द के कम करेला।Hydrogen Peroxide का कुल्ला :हाइड्रोजन पेरोक्साइड अवुरी पानी के बराबर मात्रा में मिला के गार्गल करीं। एहसे बैक्टीरिया के मौत हो जाला अवुरी प्लेक कम हो जाला। ध्यान रहे, इ पानी ना पीये।Painkillers और Gels:काउंटर प उपलब्ध दर्द निवारक दवाई, जईसे कि नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाई, दांत दर्द के कम करे में मदद क सकता। कुछ दवाई अवुरी जेल जवना में बेंजोकेन होखेला, उ दर्द वाला जगह के सुन्न क सकता अवुरी अस्थायी तौर प राहत दे सकता,इ उपाय आपके कुछ समय खाती ही राहत दे सकता, लेकिन ए समस्या के बिल्कुल नजरअंदाज मत करीं।दांत दर्द के सही कारण के पता लगावे अवुरी इलाज करावे खाती जल्दी से जल्दी दंत चिकित्सक से संपर्क करीं।Source:-https://www.medicalnewstoday.com/articles/326133#9-remedies
लइकन के खांसी से छुटकारा पाईं - 5 आसान तरीका जानीं, अगर बच्चा के खांसी आ छींक से भी परेशानी बा त अब आप अकेले नईखी।आईं जानीं 5 प्राकृतिक घरेलू उपाय जवन आपके बच्चा के गला से राहत दे सकता अवुरी खांसी अवुरी सर्दी के कम क सकता।1.अदरक : अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होखेला, जवन कि सूखा खांसी अवुरी दमा के खांसी के कम करे में मदद करेला। एकरा अलावे मतली अवुरी दर्द से राहत देवे में भी मदद करेला। आप बच्चा के अदरक के चाय दे सकतानी चाहे 1 चम्मच शहद के संगे अदरक के रस के कुछ बूंद दे सकतानी।2.भाप (Steam) : गीला बलगम वाला खांसी में भाप लेवे से बहुत फायदेमंद हो सकता, काहेंकी एकरा से बलगम ढीला हो जाला अवुरी सांस लेवे में आसानी होखेला। बच्चा के गरम पानी से नहा के बाथरूम में भाप भर जाए दीं, ओकरा बाद बच्चा के कुछ मिनट तक ए भाप में राखी।एगो बड़ कटोरी में गरम पानी भर के बच्चा के माथा के तौलिया से ढंक लीं ताकि बच्चा कटोरी से निकले वाला भाप के लगभग 10 से 15 मिनट तक साँस ले सके। एह पानी में नीलगिरी भा दौनी के तेल के कुछ बूंद डालला से अवुरी राहत मिल सकता, काहेंकी ए आवश्यक तेल में श्वसन के आराम देवे वाला गुण भी होखेला।दिन में दु से तीन बेर भाप से खांसी से जल्दी राहत मिली।3. नमकीन पानी से गार्गल करीं : नमकीन पानी से गार्गल कईला से गला में खराश जईसन लक्षण से राहत मिलेला, काहेंकी एकरा से बलगम के फ्लश हो जाला अवुरी दर्द से भी राहत मिलेला। एक कप गरम पानी में आधा चम्मच नमक डाल के पूरा तरह से घुल लीं। नमकीन पानी के घूंट पी के कुछ पल खातिर गला के पीछे बईठे दीं आ ओकरा बाद थूक के बाहर निकाल दीं।दिन में कई बेर अयीसन करीं जब तक कि खांसी ठीक ना हो जाए।4. ब्रोमेलैन : ब्रोमेलेइन एगो एंजाइम ह जवन अनानास में पावल जाला। ब्रोमेलेइन में एंटी-इंफ्लेमेटरी अवुरी म्यूकोलाइटिक गुण होखेला, जवन कि शरीर से बलगम के बाहर निकालेला।बच्चा के अनानास के रस दे दीं। ब्रोमेलेन के सप्लीमेंट दीं (सप्लीमेंट लेवे से पहिले अपना डॉक्टर से सलाह लीं)।5. प्रोबायोटिक : हालांकि प्रोबायोटिक खांसी से सीधा राहत ना देवेला, लेकिन इ हमनी के आंत के स्वास्थ्य में सुधार क के प्रतिरक्षा में सुधार करेला। आ बढ़िया प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमण से लड़े में मदद कर सकेला. लैक्टोबैसिलस, एगो प्रकार के प्रोबायोटिक, आम सर्दी के रोके में बहुत कारगर होखेला। लैक्टोबैसिलस आ अउरी प्रोबायोटिक वाला खाद्य पदार्थ मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध बा।मिसो सूप अवुरी दही जईसन कुछ चीज़ में प्रोबायोटिक भरपूर मात्रा में होखेला।प्रोबायोटिक सप्लीमेंट के संगे-संगे अपना आहार में प्रोबायोटिक के जोड़ल भी निमन हो सकता।इ साधारण घरेलू उपाय आजमाईं अवुरी अपना बच्चा के सर्दी अवुरी खांसी के संक्रमण से बचाई।अगर रउवा एह सब के अलावा कवनो अउरी घरेलू उपाय आजमा चुकल बानी त कमेंट में जरूर बताईंSource:-https://www.medicalnewstoday.com/articles/322394#natural-cough-remedies
का रउरा कबो छाती में भारीपन महसूस भइल बा, जइसे कि रउरा गहिरा साँस लेबे में परेशानी होखत होखे? अइसन लागेला कि रउरा साँस ना ले पावत बानी, आ एकरा से काफी दर्द भी हो सकेला। लेकिन का रउवा जानत बानी कि !कुछ घरेलू उपाय से छींक से राहत मिल सकता ?भाप ले (Steam Therapy): भाप लेवे से आपके फायदेमंद हो सकता! भाप से आपके नाक के वायुमार्ग खुलेला, जलन कम हो जाला अवुरी सांस लेवे में आसानी होखेला। 10 मिनट तक भाप लेवे से नाक के बलगम कम हो जाला, जवना के चलते छींक भी बहुत हद तक कम हो जाला, पानी में नीलगिरी के तेल भी डाल के एकरा के अवुरी प्रभावी बना सकतानी।शहद के गरम पानी में डालकर पिये (Honey and Warm Water): शहद एगो पावरहाउस निहन काम करेला जवन कि जाड़ा में आपके गला में राहत देवेला। शहद में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होखेला जवन कि आपके नाक के वायुमार्ग अवुरी गला में जलन के कम करेला। गरम पानी में शहद मिला के पियला से छींक आ गला में खराश से राहत मिलेला।अदरक के चाय (Ginger Tea) अदरक के गर्मी से आपके नाक में वायुमार्ग खुल जाला, जवना से सांस लेवे में आसानी होखेला अवुरी छींक कम हो जाला। अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण छींक अवुरी दमा के लक्षण के कम करे में मदद करेला। अगिला बेर जब छाती में भारीपन महसूस होखे त अदरक के चाय के ट्राई करीं।लहसुन (Garlic) लहसुन खाली खाना के स्वाद बढ़ावे खातिर ना होला-इ आपके फेफड़ा खातिर भी फायदेमंद होला। लहसुन शरीर के हवा के प्रवाह में सुधार करेला अवुरी गला में जलन भी कम करेला। एकरा के अपना खाना में डाल के भा एकरा से चाय बना के पी सकेनी।सांस लेवे के व्यायाम (Breathing Exercises) इ उपाय सरल लाग सकता, लेकिन गहिरा सांस लेवे से छींक प बहुत असर पड़ सकता। गहिराह साँस लेवे के व्यायाम से फेफड़ा के क्षमता बढ़ेला अवुरी छींक भी कम होखेला। बस 10 मिनट के धीमा, गहिरा साँस लेवे से बहुत फर्क पड़ सकता।त, छींक बढ़े के इंतजार काहे? ई घरेलू उपाय आजमा के देखीं।Source:- 1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10541225/ 2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK482454/
जाड़ा में अचानक घुटना के दर्द बढ़ जाला। अयीसन काहें होखेला अवुरी एकरा के कम करे खाती का क सकतानी? चलीं, जानल जाव.जाड़ा में घुटना में दर्द काहे होला?ठंडा मौसम में खून के बहाव कम हो जाला: ठंडा होखला प आपके खून के नली सिकुड़ जाला, जवना से आपके घुटना तक खून के संचार कम हो जाला। एकरा चलते गोड़ में अकड़न अवुरी घुटना में दर्द होखेला।Pressure में बदलाव: जाड़ा के दौरान बैरोमीटर के दबाव गिरला के चलते जोड़ के आसपास के ऊतक सूजन हो सकता, जवना से घुटना प अतिरिक्त दबाव पड़ेला अवुरी घुटना के दर्द भी बढ़ जाला।कम चलल फिरल: जाड़ा में हमनी के जादा ना चलेनी जा, अवुरी जब हमनी के सक्रियता कम होखेला त हमनी के मांसपेशी कमजोर हो जाले। आ फेर जब हमनी के चले के कोशिश करेनी जा त दर्द बढ़ जाला।घुटना के दर्द से छुटकारा कईसे मिलेला ?घुटना गरम रखे: घुटना गरम रखे खातिर गरम कपड़ा पहिनीं। अयीसन कईला से शरीर में खून के संचार बढ़ जाला, जवना से अकड़न अवुरी दर्द कम हो जाला।रोज व्यायाम करीं: ठंडा मौसम में भी व्यायाम कईल जरूरी बा। पैदल चलला भा साइकिल चलावे से घुटना लचीला रही.गर्म स्नान करीं आ गरम कंप्रेस के इस्तेमाल करीं: गरम स्नान कइला से घुटना के आसपास के मांसपेशी में आराम मिलेला आ खून के संचार में सुधार होला। एकरा अलावे आप अपना घुटना प गर्म कंप्रेस भी लगा सकतानी, जवना से आपके तुरंत राहत मिल सकता।बहुत पानी पीये: पानी पिए के बहुत जरूरी बा! ठंडा हवा से पानी के कमी हो सकता, जवना के असर आपके घुटना प पड़ेला। पानी पिए से उपास्थि चिकनाई वाला रहेला, जवना से घुटना के दर्द कम हो जाला।मालिश: जैतून भा सरसों के तेल से घुटना के मालिश कईला से खून के बहाव में सुधार होखेला, मांसपेशी में आराम मिलेला अवुरी घुटना के दर्द में भी कमी आवेला।घुटना के दर्द खातिर सप्लीमेंट :ग्लूकोसामाइन अवुरी चोंड्रोइटिन जईसन सप्लीमेंट सूजन के कम करे अवुरी उपास्थि के फेर से बनावे में मदद करेला। ओमेगा-3 फैटी एसिड में एंटी-इंफ्लेमेटरी फायदा होखेला जवन कि घुटना के अकड़न के कम करेला। हालांकि कवनो सप्लीमेंट शुरू करे से पहिले डॉक्टर से सलाह लीं।एह टिप्स के पालन करके रउआ घुटना के दर्द कम कर सकेनी आ जाड़ा के आरामदायक बना सकेनी।Source:- 1. https://www.health.harvard.edu/pain/take-control-of-your-knee-pain 2. https://www.health.harvard.edu/topics/knees/all
जाड़ा के मौसम में बहुत लोग के सांस लेवे में परेशानी होखेला। आईं समझल जाव कि जाड़ा में साँस के मुद्दा काहे बढ़ेला आ एकरा से छुटकारा पावे खातिर रउरा का करे के चाहीं.जाड़ा में श्वसन संबंधी मुद्दा काहे बढ़ेला?ठंडा हवा अवुरी वायरस: जब तापमान कम होखेला त आपके नाक के भीतरी हवा भी ठंडा हो जाला। एहसे आपके कोशिका के प्रतिरक्षा कम हो जाला। एकरा चलते आपके फ्लू चाहे सर्दी जईसन संक्रमण हो सकता।सूखी हवा: जाड़ा के हवा बहुत सूखल होखेला, अवुरी जब आप ए हवा में सांस लेवेनी त आपके नाक के वायुमार्ग भी सूख जाला, जवना के चलते आपके सूजन हो सकता। इ सूजन आपके दमा के भी बढ़ा सकता।इंडोर हीटिंग: इनडोर हीटिंग सिस्टम हवा के नमी के स्तर के कम करेला, इ आपके श्वसन तंत्र के सूख सकता। एकरा चलते आपके साइनसाइटिस अवुरी ब्रोंकाइटिस जईसन समस्या के सामना करे के पड़ सकता।जाड़ा में श्वसन संबंधी आम मुद्दा आ ओकरा से निपटे के टिप्स :साइनसाइटिससाइनसाइटिस तब होखेला जब संक्रमण के चलते आपके साइनस में सूजन हो जाला, जवना के चलते आपके नाक बंद हो जाला अवुरी आपके सिर में भी भयानक दर्द होखेला।एकरा के संभाले खातिर आप अपना नाक अवुरी माथे प गरम कंप्रेस लगा के सिरदर्द से कुछ राहत पा सकतानी।नाक के स्प्रे से भी आप अपना अवरुद्ध साइनस के साफ क सकतानी।भाप के साँस में भी साइनस ठीक कर सकेनी। भाप के साँस लेत घरी नीलगिरी के तेल के इस्तेमाल करीं, एहसे नाक खुल जाई अवुरी जल्दी राहत मिली। 2. ब्रोंकाइटिस ब्रोंकाइटिस तब होखेला जब आपके वायुमार्ग में सूजन हो जाला। ई समस्या वायरस भा धुँआ जइसन चीजन से हो सकेला।एकरा के ठीक करे खातिर रउआ नियमित रूप से भाप ले सकेनी। अयीसन कईला से आपके नाक में बलगम ढीला हो जाला, जवना से फेर से सांस लेवे में आसानी होखेला।गला में जलन कम करे खातिर नमकीन पानी से गार्गल करीं।धूम्रपान से बचे के कोशिश करीं अवुरी विटामिन डी के सेवन करीं, जवन कि आपके प्रतिरक्षा प्रणाली के समर्थन करी। 3. दमा जाड़ा के हवा से आपके वायुमार्ग में जलन हो सकता, जवना से दमा के लक्षण जईसे घरघराहट, खांसी अवुरी छाती में जकड़न अवुरी खराब हो सकता।दमा के हमला से बचे खातिर धूल अवुरी पराग से दूर रहीं अवुरी बहरी जाए के समय मास्क लगाई।ठंडा मौसम में बाहर व्यायाम करे से बची, काहेंकी सूखा हवा से आपके दमा के दौरा पड़े के संभावना बढ़ सकता।गहिरा साँस लेवे के व्यायाम करीं जवन कि आपके नाक के वायुमार्ग के आराम देवे में मदद करेला।अगर राउर हालत बिगड़ जाला भा ठीक ना होखे त अपना डाक्टर से सलाह लीं। सही सावधानी आ देखभाल से जाड़ा में भी आसानी से साँस ले सकेनी!Source:-1. https://www.health.harvard.edu/staying-healthy/7-strategies-to-fight-winter-breathing-problems 2. https://www.health.harvard.edu/staying-healthy/preventing-seasonal-maladies
अश्वगंधा एगो जड़ी बूटी ह जवना में अयीसन रसायन होखेला जवन कि दिमाग के शांत करे, सूजन के कम करे, ब्लड प्रेशर कम करे अवुरी प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करे में मदद क सकता। तनाव कम करे खातिर अश्वगंधा के प्रयोग प्राचीन काल से हो रहल बा। मानल जाता कि इ शरीर के शारीरिक अवुरी मानसिक तनाव से लड़े में मदद करेला।अश्वगंधा के फायदे:तनाव अवुरी चिंता के कम करेला: बहुत अध्ययन से पता चलल बा कि अश्वगंधा तनाव के हार्मोन कोर्टिसोल के कम करे में मदद करेला, जवन कि तनाव अवुरी चिंता के स्तर के बहुत कम करेला अवुरी शरीर के आराम भी देवेला।नींद में सुधार करेला: बहुत लोग बेहतर नींद पावे खातिर अश्वगंधा के सेवन करेले, अवुरी कुछ अध्ययन से इहो पता चलल बा कि इ नींद के समस्या के प्रबंधन में मदद क सकता।संज्ञानात्मक कार्य में सुधार: अश्वगंधा संज्ञानात्मक कार्य में सुधार करेला। एकरा अलावे इ याददाश्त, फोकस अवुरी ध्यान के अवधि में सुधार करे में मदद करेला।इम्यूनिटी में सुधार करेला: अश्वगंधा में इम्यूनिटी में सुधार करे वाला गुण बा। एकरा अलावे इ प्रतिरक्षा के प्रबंधन अवुरी संक्रमण के रोके में मदद करेला।प्रजनन क्षमता में सुधार करेला: अश्वगंधा तनाव अवुरी बांझपन दुनो खाती एगो कारगर जड़ी-बूटी के दवाई ह। इ खून के संचार में सुधार करेला अवुरी प्राकृतिक तरीका से शुक्राणु के गुणवत्ता में सुधार करेला।का अश्वगंधा के सेवन सुरक्षित बा?अश्वगंधा के प्रयोग 3 महीना तक सुरक्षित बा। लंबा समय तक उपयोग में अश्वगंधा के सुरक्षा के बारे में अभी तक पता नईखे चलल। हालांकि देखल गईल बा कि अश्वगंधा के जादा मात्रा में सेवन से पेट में परेशानी, दस्त अवुरी उल्टी हो सकता। लिवर से जुड़ल समस्या जइसे कि लिवर के गंभीर फेल होखे आ लिवर प्रत्यारोपण के जरूरत भी कबो-कबो देखल जाला।हालांकि अश्वगंधा आम तौर प सुरक्षित बा, लेकिन एकर इस्तेमाल करे से पहिले अपना डॉक्टर से जरूर सलाह लीही।Source:- https://medlineplus.gov/druginfo/natural/953.html
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जाड़ा में Strawberry खाने के गजब के फायदे।
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Mrs. Prerna Trivedi
Nutritionist
हल्दी वाला दूध पियला से का होई?
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Mrs. Prerna Trivedi
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जाड़ा में अनार खइले के फायदा | Winter में स्वस्थ रहीं!
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Mrs. Prerna Trivedi
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Check करीं कि रउरा घर में लाल मिर्च शुद्ध बा कि ना!
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Mrs. Prerna Trivedi
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