Tonsillitis आपके गले के पिछले हिस्से में दोनों तरफ soft tissues की दो छोटी गांठ होती हैं। Tonsillitis तब होता है जब आपके Tonsils infect हो जाते हैं। जब Tonsils infect हो जाते हैं, तो वो सूज जाते हैं और उनमें दर्द भी होता है और इस condition में कुछ भी निगलने में दर्द होता है।आमतौर पर Tonsillitis का पहला symptom होता है गले में खराश। इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर ज़्यादातर आपके गले की लाली और सूजन के लिए जांच करते हैं और साथ ही:बुखार, खांसी, बहती नाक, दाने या पेट दर्द जैसे अन्य लक्षणों के लिए पूछते हैं। इससे उन्हें बाकी conditions को rule out करने में मदद मिल सकती है।Infection के किसी भी लक्षण के लिए आपके कान और नाक की जांच करते हैं।आपकी गर्दन के किनारों को छू कर महसूस करते हैं कि कहीं आपके lymph nodes सूजे हुए तो नहीं हैं।एक बार Tonsillitis का diagnosis होने के बाद, treatment plan tonsils के कारण पर निर्भर करता है।Tonsillitis को लेकर और clarity चाहिए? हमारा trusted health assistant आपकी मदद को तैयार है – सिर्फ Ask Medwiki पर।Tonsillitis का इलाज:हालांकि viral Tonsillitis और bacterial Tonsillitis के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं लेकिन उनके treatments अलग अलग होते हैं। Tonsillitis का treatment इस प्रकार किया जा सकता है:कुछ दवाइयां:अगर यह एक bacterial infection है, तो आपका डॉक्टर penicillin, clindamycin या फिर cephalosporin जैसी antibiotics लिख सकता है। आपके डॉक्टर के instructions को ज़रूर follow करें और antibiotic का course ज़रूर पूरा करें, चाहे आपको कुछ दिनों में आराम मिलने लगा हो। यदि आप बीच में course छोड़ देते हैं, तो infection और खराब हो सकता है या आपके शरीर के किसी और हिस्से में फैल सकता है।अगर आपको बहुत ज़्यादा दर्द हो तो आपका डॉक्टर इस गले की खराश में मदद के लिए ibuprofen या acetaminophen जैसे over the counter pain killers prescribe कर सकता है।सर्जरी:यदि आपको बार-बार Tonsillitis की परेशानी हो जाती हो, तो आपका डॉक्टर Tonsillectomy (tonsillitis की surgery) कर सकता है। यह आपके tonsils को surgery के माध्यम से remove करने का तरीका है।Tonsil को हटाने के लिए commonly metal के tools का use किया जाता है (इसे "cold steel" Tonsillectomy भी कहा जाता है)। लेकिन इस तरह से होने वाली सर्जरी से patient को काफी blood loss और दर्द होता है। इसी blood loss और दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर कई सालों से अलग अलग तरह की surgeries का उपयोग कर रहे हैं। जैसे कि :Bipolar radiofrequency ablation (coblation)Bipolar electrodissection (electrocauterization or electrocautery)Harmonic scalpelMicrodebrider-assisted partial tonsillectomyDiathermyLaser surgeryCryosurgeryइनमें से किसी भी तरीके से Tonsillitis को हटाया जा सकता है लेकिन सही diagnosis और treatment plan के लिए डॉक्टर से consult करना ज़रुरी है।Source:-1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10597714/ 2. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/21146-tonsillitis
कभी-कभी ऐसा अनुभव होना कि कान में आवाज़ सुनाई दे रही है जबकि आसपास कोई ध्वनि नहीं है, बहुत ही परेशान करने वाला हो सकता है। कई लोग इसे लगातार घंटी बजने, भिनभिनाहट या कान में buzzing जैसी आवाज़ के रूप में महसूस करते हैं। यह स्थिति, जिसेटिनिटस कहा जाता है, कई लोगों के लिए लगातार और मानसिक रूप से थकाने वाली हो सकती है। कभी-कभी कान में थोड़ी देर के लिए आवाज़ सुनाई देना सामान्य होता है और यह जल्दी चली जाती है, लेकिन लंबे समय तक टिनिटस रहनानींद, ध्यान और रोजमर्रा के कामकाज पर गंभीर असर डाल सकता है। इसलिए इसका अर्थ, कारण और उपलब्ध उपचार विकल्पों को समझना बेहद जरूरी है।टिनिटस क्या है?साधारण शब्दों में कहा जाए तोटिनिटस का अर्थ है कि व्यक्ति बिना किसी बाहरी स्रोत के आवाज़ महसूस करता है। यह अनुभव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। कुछ लोग उच्च स्वर वाली घंटी सुनते हैं, जबकि कुछ लोग गहरी हुम या स्थिर buzzing जैसी आवाज़ सुनते हैं। इसके अलावा, यह आवाज़ कभी-कभी आती है और कभी लगातार रहती है, जिससे ध्यान केंद्रित करना और आराम करना मुश्किल हो जाता है। महत्वपूर्ण यह है कि टिनिटस स्वयं कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में किसी समस्या या श्रवण प्रणाली में बदलाव का संकेत हो सकता है।कान में सामान्य शोर औरटिनिटस में फर्क करना जरूरी है। सामान्य कान की आवाज़ या अस्थायी ध्वनि थोड़े समय के लिए होती है और जल्दी समाप्त हो जाती है, जबकि टिनिटस लगातार बनी रहती है और अक्सर ध्यान देने की जरूरत होती है।टिनिटस का अनुभव कैसा होता है?टिनिटस का अनुभव व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है। कुछ लोग इसे केवल एक कान में हल्की घंटी की तरह महसूस करते हैं, जबकि कुछ लोग इसे इतनी तेज़ और लगातार आवाज़ के रूप में महसूस करते हैं कि बातचीत करना या ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। कई लोगों ने बताया है कि यह आवाज़ उनके हृदय की धड़कन के साथ तालमेल में पल्पेटिंग जैसी लगती है, जबकि कुछ को कम आवृत्ति की गूंज सिर के अंदर से आती महसूस होती है। यह आवाज़ अक्सर शांत वातावरण में ज्यादा महसूस होती है, जिससे रात में सोते समय या अकेले समय में परेशानी बढ़ जाती है।टिनिटस के सामान्य कारणटिनिटस के कारण जानना उपचार के लिए महत्वपूर्ण है। श्रवण क्षमता में कमी इसके मुख्य कारणों में से एक है। उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता घटने से टिनिटस होने की संभावना बढ़ जाती है। लंबे समय तक तेज आवाज़ सुनना या कान की चोट भी इसका कारण बन सकती है। इसके अलावा, कान में संक्रमण, तरल पदार्थ का जमाव या कान की मैल भी श्रवण प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है और टिनिटस पैदा कर सकती है।कुछ दवाइयाँ जैसे एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर और कीमोथेरपी दवाइयाँ टिनिटस को ट्रिगर कर सकती हैं। अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह,थायरॉइड विकार और परिसंचरण संबंधी समस्याएँ भी श्रवण पथ को प्रभावित कर सकती हैं। मानसिक तनाव और थकान भी टिनिटस को बढ़ा सकती है। लगातार तनाव में रहने से आवाज़ अधिक परेशान करने वाली लग सकती है।टिनिटस का इलाजबहुत से लोग टिनिटस से जूझते समय अलग-थलग महसूस करते हैं, लेकिन राहत पाना संभव है। अक्सर लोग पूछते हैं,मैंने अपने टिनिटस को कैसे ठीक किया। टिनिटस के लिए कोई सार्वभौमिक इलाज नहीं है, लेकिन कई रणनीतियाँ मददगार साबित हुई हैं।साउंड थेरेपी एक प्रभावी तरीका है। पृष्ठभूमि में हल्की आवाज़, व्हाइट नॉइज़ मशीन या प्राकृतिक ध्वनियों का उपयोग टिनिटस की तीव्रता को कम करने में मदद करता है। श्रवण क्षमता कम होने परहियरिंग एड्स बाहरी आवाज़ों को बढ़ाकर टिनिटस पर ध्यान कम कर सकते हैं।जीवनशैली में बदलाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योग, ध्यान, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन से राहत मिलती है। कैफीन, शराब और धूम्रपान की मात्रा कम करने से भी मदद मिलती है। पेशेवर मार्गदर्शन भी जरूरी है। ENT विशेषज्ञ या ऑडियोलॉजिस्ट से परामर्श टिनिटस के ट्रिगर्स और उपचार के विकल्पों को समझने में मदद करता है।टिनिटस का निदानसही निदान यह तय करने में मदद करता है कि आवाज़ टिनिटस है या अन्य श्रवण समस्या। डॉक्टर सबसे पहले मरीज का इतिहास लेते हैं, जिसमें आवाज़ का प्रकार, अवधि और जीवन पर प्रभाव शामिल होता है। इसके बाद सुनने की जांच की जाती है ताकि श्रवण क्षमता और श्रवण पथ में किसी भी प्रकार की क्षति का पता लगाया जा सके। इमेजिंग स्कैन कान या मस्तिष्क की संरचनात्मक समस्याओं की जांच करता है। ब्लड टेस्ट थायरॉइड या मधुमेह जैसी स्थितियों को बाहर करने में मदद करते हैं।टिनिटस उपचार के उपायटिनिटस के लिए कोई एकल उपचार सभी पर काम नहीं करता। यह अक्सर विभिन्न उपायों के संयोजन से प्रबंधित किया जाता है। साउंड थेरेपी, चिकित्सा उपकरण, संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी और जीवनशैली सुधार प्रमुख उपाय हैं।साउंड थेरेपी में हल्का पृष्ठभूमि संगीत, विशेष टिनिटस मास्कर्स और व्हाइट नॉइज़ मशीन शामिल हैं। हियरिंग एड्स उन लोगों के लिए मददगार हैं जिनकी श्रवण क्षमता कम है। संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (CBT) मानसिक समर्थन देती है और टिनिटस की आवाज़ से निपटने के तरीके सिखाती है।जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव जैसे नियमित नींद, संतुलित आहार, ध्यान और हल्की एक्सरसाइज, जोरदार शोर वाले वातावरण से बचाव और कानों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हैं। ये बदलाव टिनिटस की तीव्रता को कम करने और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।गलत धारणाओं का खंडनबहुत से लोग सोचते हैं कि टिनिटस हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत है या इसका तुरंत इलाज संभव है। हालांकि कई मामलों में टिनिटस सौम्य होती है और इसका प्रबंधन विभिन्न उपायों के संयोजन से किया जाता है। केवल बुजुर्ग ही इसका अनुभव करते हैं यह भी गलत धारणा है। टिनिटस किसी भी उम्र में हो सकती है, विशेषकर शोर या तनाव के कारण।पेशेवर मदद कब लेंयदि टिनिटस लगातार नींद, ध्यान या दैनिक जीवन में बाधा डाल रही हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। कान में दर्द या तरल पदार्थ का बहना, अचानक शुरू हुई या तेज़ होती आवाज़, सुनने में कमी, चक्कर या संतुलन की समस्या, उच्च रक्तचाप या मधुमेह के लक्षण दिखाई देने पर जल्दी मूल्यांकन जरूरी है।टिनिटस के साथ जीवनटिनिटस का प्रबंधन केवल आवाज़ को खत्म करने के बारे में नहीं है, बल्कि इसके बावजूद जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के बारे में है। नियमित चिकित्सा, जीवनशैली सुधार, साउंड थेरेपी और तनाव प्रबंधन से कई लोग अपने दैनिक कामकाज और नींद के पैटर्न पर नियंत्रण वापस पा लेते हैं। टिनिटस की तीव्रता, ट्रिगर्स और समय को नोट करना पैटर्न समझने और प्रबंधन को आसान बनाने में मदद करता है।निष्कर्षटिनिटस, यानी कान में लगातार बजती आवाज़, एक ऐसा लक्षण है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है।टिनिटस का अर्थ, इसके कारण और उपलब्धटिनिटस उपचार विकल्पों को समझना व्यक्तियों को अपनी स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में सक्षम बनाता है। हालांकि यह आवाज़ परेशान करने वाली और मानसिक रूप से थकाने वाली हो सकती है, पेशेवर मदद के साथ जीवनशैली में सुधार, साउंड थेरेपी और तनाव प्रबंधन को मिलाकर आराम और जीवन की गुणवत्ता को काफी बढ़ाया जा सकता है। प्रारंभिक मूल्यांकन और लगातार अपनाए जाने वाले उपाय लंबे समय तक प्रबंधन की नींव बने रहते हैं। विस्तृत जानकारी के लिएMedWiki देखें |अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न1.क्या टिनिटस का इलाज संभव है?हाँ, कई लोग जीवनशैली सुधार, साउंड थेरेपी और चिकित्सकीय मदद के जरिए राहत पाते हैं। हालांकि पूरी तरह की “कुरिंग” हर किसी के लिए अलग हो सकती है।2.टिनिटस और कान में सामान्य शोर में क्या अंतर है?कान में सामान्य शोर अस्थायी होती है और जल्दी खत्म हो जाती है, जबकि टिनिटस लगातार या लंबे समय तक महसूस होती है।3.क्या टिनिटस केवल बुजुर्गों में होता है?नहीं, यह किसी भी उम्र में हो सकता है। उम्र बढ़ने पर सुनने की क्षमता घटने से संभावना बढ़ सकती है।4.कान में बजने वाली आवाज़ के लिए किस डॉक्टर से संपर्क करें?ENT विशेषज्ञ या ऑडियोलॉजिस्ट से संपर्क करना उचित है।5.टिनिटस के मुख्य कारण क्या हैं?लंबे समय तक तेज आवाज़ सुनना, कान की चोट, सुनने की कमी, कुछ दवाइयाँ, उच्च रक्तचाप और तनाव इसके मुख्य कारण हैं।6.क्या टिनिटस दर्दनाक है?टिनिटस स्वयं दर्द नहीं देता, लेकिन लगातार सुनाई देने वाली आवाज़ से मानसिक तनाव, नींद की समस्या और ध्यान में कमी हो सकती है।7.घरेलू उपाय क्या मदद कर सकते हैं?शोर से बचाव, साउंड थेरेपी, तनाव प्रबंधन, पर्याप्त नींद लेना, और कैफीन या शराब की मात्रा कम करना मदद कर सकते हैं।
कान का दर्द कई कारणों से हो सकता है, और यह जानना ज़रूरी है कि आपको कान दर्द क्यों हो रहा है ताकि आप इसे ठीक कर सकें।कान के दर्द के कुछ आम कारण हैं:कान खुद को सुरक्षित रखने के लिए वैक्स या मैल बनाता है, लेकिन कभी-कभी यह मैल जम जाता है और कान में ही फ़सकर रह जाता है। इससे दर्द हो सकता है या सुनने में दिक्कत हो सकती है। कान साफ़ करने के लिए कभी भी कॉटन स्वैब का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह मैल को और अंदर धकेल देता है। आप इसे ठीक करने के लिए, कान के मैल को नरम करने वाले ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।जब आप प्लेन में सफ़र कर रहे होते हैं या लिफ्ट में जाते हैं, तो कान में दबाव तेज़ी से बदल जाता है। इससे कानों में दर्द हो सकता है। इससे बचने के लिए प्लेन के टेकऑफ़ और लैंडिंग के समय च्युइंगगम चबाएं या जम्हाई लें। यह कान में पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद करता है।अगर पानी कान में फंस जाता है तो इन्फेक्शन हो सकता है। इससे कान में खुजली, सूजन या पस भी हो सकता है। इसे रोकने के लिए नहाने के बाद कानों को सूखा रखें।सर्दी या एलर्जी के कारण आपका साइनस सूज सकता है और मिडिल ईयर को ब्लॉक कर सकता है। इससे कान में दर्द हो जाता है।कभी-कभी कान का दर्द वास्तव में दांत की समस्या या जबड़े के दर्द (टीएमजे) के कारण होता है। इन दिक्कतों की वजह से कान के आसपास दर्द महसूस हो सकता है।अगर कान का दर्द ज़्यादा दिनों तक रहता है, और इसके साथ बुखार या गले में खराश लगे तो, तो एक ENT स्पेशलिस्ट को ज़रूर दिखाएँ।Source:- 1. https://my.clevelandclinic.org/health/symptoms/earache-ear-pain2. https://www.webmd.com/cold-and-flu/ear-infection/why-does-ear-hurt3. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/29365233/4. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK227/5. https://www.nhs.uk/conditions/earache/
अगर आप भी bloating से छुटकारा पाना चाहते हैं तो ये foods अपने ख़ाने में शामिल करना ना भूलें।बथुआ के बीज (Quinoa) बथुआ का बीज एक whole grain है जिसमें काफी fiber होता है। Fiber आपके खाने को अच्छे से पचाने में मदद करता है, जिससे bloating भी कम होती है। आप बथुआ के बीज को सलाद और सूप में डाल सकते हैं या चावल की जगह भी खा सकते हैं।जई (Oat) जई में beta-glucan नाम का एक soluble fiber होता है। अगर आप अपना दिन एक tasty oatmeal से शुरू करते हैं, तो ये आपके पाचन को improve करता है, आपको bloating से बचाता है और आपके cholesterol levels को भी manage करता है। ये breakfast के लिए एक perfect option है।ग्रीन टी (Green Tea) इसमें catechins नाम का एक antioxidant होता है जो आपके शरीर को खाना पचाने में मदद करती है। और तो और इसे पीने से आपको bloating में भी काफ़ी राहत मिल सकती है। इसलिए इसे सुबह या भोजन के बाद ज़रूर पिएँ।अनानास (Pineapple) इसमें bromelain enzyme होता है जो आपके शरीर के inflammation को कम करने, protein को breakdown करने और ख़ाने को पचाने में मदद करता है। इससे पाचन आसान हो जाता है और bloating भी काफ़ी हद तक कम हो जाती है।तरबूज़ (Watermelon) तरबूज़ को natural diuretic कहा जाता है क्यूँकि इसमें बहुत सारा पानी होता है, जो आपको hydrated रखता है। Hydrated रहने से bloating कम हो जाती है। इतना ही नहीं, तरबूज़ आपके शरीर से extra salt बाहर निकालने में भी मदद करता है, जिससे आपको हल्का महसूस होता है।अजवाइन के पत्ते और डंठल (Celery) इसमें 95% पानी होता है, जो hydration के लिए best है। इतना ही नहीं, इसमें मौजूद fiber और apigenin नाम का एक compound, शरीर के inflammation, constipation और bloating को ठीक करने में मदद करते हैं।खीरा (Cucumber) खीरा silica, Vitamin K और antioxidants से भरपूर होता है। इसमें मौजूद cucurbitacin नाम का एक compound आपके शरीर को hydrated रखता है और digestion भी अच्छा करता है। इस वजह से आप के शरीर में bloating भी कम होती है।अदरक (Ginger) अदरक में gingerol और shogaols नाम के bioactive compounds होते हैं जो stomach problems को ठीक करते है। ये आपके intestines को राहत देते है और खाने को पचाने में भी मदद करते है। इसलिए अदरक की चाय पीने या अदरक का एक टुकड़ा खाने से bloating कम हो सकती है।बेरीज़ (Berries) blueberries, strawberries, और raspberries में fiber और पानी काफ़ी मात्रा में मौजूद होता है। ये आपको hydrated रखते है, आपकी gut microbiome को balance करते हैं और bloating कम करने में भी help करते हैं।दही (Curd) इसमें live probiotics होते हैं जिन्हे good bacteria भी कहा जाता है। दही में मौजूद Lactobacillus और Bifidobacterium जैसे probiotics पेट की समस्याओं को कम करते हैं और bloating को रोकते हैं।Source:- 1. https://health.clevelandclinic.org/foods-that-help-with-bloating2. https://www.webmd.com/diet/ss/slideshow-foods-to-help-you-ease-bloating3. https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/gas-digestive-tract/eating-diet-nutrition4. https://www.nhs.uk/conditions/irritable-bowel-syndrome-ibs/diet-lifestyle-and-medicines/5. https://www.nhs.uk/conditions/bloating/
बच्चों के मुँह में हुए छाले उनके लिए काफ़ी दर्दनाक हो सकते हैं लेकिन इन्हें ठीक करने के कई असरदार उपाय भी हैं।बच्चों के मुँह में छालों के असरदार 5 घरेलू उपायएक चम्मच नमक को आधे कप गर्म पानी में डाल दें और अपने बच्चे से 30 second तक गरारे करायें। नमक छाले को साफ करता है और सूजन को भी कम करता है। इसलिए गरारे करने से आपके बच्चे के छाले जल्दी ठीक हो जाएंगे।शहद में hydrogen peroxide और antioxidants होते है। इसलिए आप अपने बच्चे के छालों पर शहद भी लगा सकते हैं। यह छालों को ठीक करने के लिए काफी helpful है, क्योंकि इसमें germ-fighting properties होती हैं। शहद छालों को बढ़ने से रोकता है और दर्द को भी कम करता है।लौंग का तेल दांत और मुँह के दर्द को ठीक करने के लिए जाना जाता है। ये छालों से होने वाले दर्द को कम करने में मदद करता है।और तो और ये छालों के आस-पास की सूजन को भी reduce करता है। आप एक cotton swab की मदद से लौंग का तेल अपने बच्चे के छालों पर लगा दे, इससे उन्हें दर्द में बहुत राहत मिलेगी।Aloe vera में aloin नाम का एक compound होता है, जिसमें anti-inflammatory properties होती है। इसलिए आप aloe vera के gel को भी छालों पर लगा सकते हैं। यह inflammation को कम और छालों को ठंडा करता है।हल्दी में curcumin होता है जो infections से fight करता है और छालों को भी ठीक करता है। इसलिए आप हल्दी का paste बनाकर उसे अपने बच्चे के छालों पर लगा सकते हैं। इससे छाला और दर्द दोनों में ही राहत मिलेगी।इन नुस्ख़ों के अलावा, अपने बच्चे को खूब पानी पिलायें, उनके मुँह को soft-bristled toothbrush से साफ करें, और उन्हें spicy ख़ाना ना खिलायें। अगर फिर भी छाला ठीक न हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।Mouth ulcer को लेकर अब भी सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं भरोसेमंद और verified sources से सही जानकारी।Source:- 1. https://www.webmd.com/oral-health/canker-sores 2. https://www.webmd.com/oral-health/remedies-canker-sores 3. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK546251/ 4. https://www.nhsinform.scot/illnesses-and-conditions/mouth/mouth-ulcer/ 5. https://www.nhs.uk/conditions/mouth-ulcers/
जैसे ही सर्दियों का मौसम आता है, हमें अपने शरीर को मज़बूत और तंदुरुस्त रखने पर ध्यान देना चाहिए। इसमें गिलॉय हमारी मदद कर सकता है। यह एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ीबूटी है।चलिए जानतें हैं गिलॉय के कुछ फायदे।गिलॉय आपके शरीर की immunity बढ़ाने में मदद करता है। सर्दियों में हमारा शरीर, सर्दी और बुख़ार जैसी बीमारियों से ढंग से नहीं लड़ पाता है। गिलॉय आपके शरीर को इन बीमारियों से लड़ने में मदद करता है, क्योंकि इसमें high antioxidant content होता है।गिलॉय वज़न कम करने में भी मदद कर सकता है। इसमें दो compounds होते हैं, Adenopectin और Lectin, जो मिलके वज़न कम करने में आपकी मदद करते हैं। यह compounds शरीर से अधिक पानी निकालने में मदद करते हैं और bloating को कम करते हैं, ख़ासतौर से सर्दियों के मौसम में, जब water retention आम होता है।अगर आपको diabetes है या आप अपने blood sugar levels को लेकर परेशान हैं, तो गिलॉय का इस्तेमाल कीजिए। यह insulin sensitivity को बढ़ाकर blood sugar levels को सही करता है। गिलॉय का रोज़ इस्तेमाल करने से आपका blood sugar संतुलित रहेगा।गिलॉय का एक और फायदा है, वह है पेट साफ़ करना। यह bowel movements को सही करता है और constipation जैसी दिक्कतों को कम करता है, जो सर्दियों में ज़्यादा खाना खाने की वजह से हो सकती हैं। यह liver function को भी बेहतर करता है, ताकि आपकी सेहत अच्छी रहे।सर्दियों के दिनों में ठंडे मौसम में कभी-कभी तनाव हो सकता है। गिलॉय तनाव को कम करता है। यह आपकी बुद्धि को भी बेहतर बनाता है, जिससे focus करने और alert रहने में मदद मिलती है।गिलॉय का इस्तेमाल कैसे करें?गिलॉय को आप सुबह खाली पेट लें। आप 2-4 चम्मच गिलॉय जूस को एक गिलास कुनकुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो एलोवेरा जूस भी मिला सकते हैं। पाचन के लिए, गिलॉय जूस को आमला जूस के साथ मिलाकर पीना फायदेमंद होता है।सर्दियों के मौसम में, आप अपने ख़ाने में गिलॉय को शामिल करके आप अपनी सेहत को बेहतर कर सकते हैं।Suggested Safety Disclaimer For Giloy:गिलोय को आयुर्वेद में काफी इस्तेमाल किया जाता है और यह सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन, इसे अपने खाने में शामिल करने से पहले चिकित्सक से ज़रूर सलाह लें। खासतौर से अगर आप प्रेगनेंट हैं, ब्रेस्टफ़ीडिंग कर रही हैं, या आपको कोई दूसरी बीमारी है।Source:-1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3644751/ 2. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3644751/
बहुत लोग पेट की दिक्कतें जैसे gas, bloating, और constipation का सामना करते हैं। इन दिक्कतों का असली कारण अक्सर पेट की खराब सेहत ही होता है।Gut को लेकर अब भी सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं भरोसेमंद और verified sources से सही जानकारी।पेट की सेहत सुधारने वाले 5 बेहतरीन खाद्य पदार्थFermented foods पेट की बीमारियों को दूर करने के लिए फ़ायदेमंद होते हैं। इसमें इडली और डोसा जैसे खाने आते हैं। Fermentation से पेट में अच्छे bacteria बढ़ते हैं, जो पाचन को बेहतर करते हैं। जब आप डोसा बना रहे हो, तब यह ज़रूर देखें कि वह properly fermented हो, नहीं तो उसका असर उतना अच्छा नहीं होगा।Prebiotics एक प्रकार का fiber होता है जो पेट के अच्छे bacteria को बढ़ाने में मदद करता है। आपके खाने में prebiotic से भरी चीज़ें शामिल करने से आपका पाचन बेहतर हो सकता है। प्याज़, लहसुन, सेब, केला, जई, और गुड़ जैसे खाने prebiotics के अच्छे स्रोत हैं। ये आपके पेट की सेहत को बेहतर करते हैं और आपका immune system भी मज़बूत करते हैं।Fiber सही digestion के लिए ज़रूरी होता है। अनाज़, फल, सब्ज़ी, और ड्राई फ़्रूट जैसी चीज़ें fiber में भरपूर होती हैं। ये bowel movements को सही करते हैं और digestive system को अच्छे से चलने में मदद करते हैं। जो लोग constipation का सामना कर रहे हैं, उनके लिए high-fiber foods काफी फायदेमंद हो सकते हैं।Omega-3 fatty acids आपकी सेहत के लिए फ़ायदेमंद हो सकते हैं! ये दिल और दिमाग़ के लिए भी फायदेमंद होते हैं। अख़रोट, अलसी के बीज, और मछली omega-3 के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें अपने ख़ाने में शामिल करने से पेट की सेहत काफ़ी हद तक ठीक हो सकती है।Polyphenols ऐसे compounds होते हैं जो बेरीज, डार्क चॉकलेट, और ग्रीन टी में मिलते हैं। ये पेट में अच्छे bacteria की कमी को दूर करते हैं और harmful bacteria को कम करते हैं। Polyphenol से भरे खाने anti-aging के लिए भी लाभदायक होते हैं।तो, इन चीज़ों को अपने खाने में शामिल करना शुरू करें और देखें आपके पेट की दिक्कतें कैसे ठीक होती हैं!Source:- 1. https://newsinhealth.nih.gov/2017/05/keeping-your-gut-check 2. https://www.health.harvard.edu/blog/how-and-why-to-fit-more-fiber-and-fermented-food-into-your-meals-202404263036
सुबह का नाश्ता दिन का सबसे ज़रूरी meal होता है। इसमें ऐसा ख़ाना शामिल करना चाहिए जो पोषक तत्वों से भरपूर हो।आइए जानते हैं 7 ऐसे खाने के बारे में जो आपकी सुबह की डाइट का हिस्सा होना चाहिए।अंडे सुबह के नाश्ते के लिए एक अच्छा विकल्प हैं। ये protein और healthy fats से भरे होते हैं, जो आपको लंबे समय तक शक्ति देते हैं। ये brain development में मदद करते हैं और liver function को भी बेहतर बनाते हैं। आप अंडों को उबालकर या ऑमलेट बनाकर खा सकते हैं।जई fiber, protein, और essential vitamins से भरा होता है। ये bad cholesterol को कम करने में मदद करता है। ये आपके दिल की सेहत के लिए भी अच्छा होता है। ज़्यादा स्वाद और पोषण के लिए, आप जई में दूध और almond butter मिलाकर खा सकते हैं।अलसी के बीज omega-3 fatty acids, fiber, और antioxidants से भरे होते हैं। ये healthy fats inflammation को कम करते हैं और bad cholesterol को भी घटाते हैं, जो आपके दिल की सेहत को बेहतर करता है।बेरीज़ स्वादिष्ट होने के साथ antioxidants से भरी होती हैं, जो दिल की बीमारियों को कम करती हैं। ये fiber में भी भरपूर होती हैं, जिसके कारण आप ज़्यादा समय तक भूक नहीं लगती है। आप इन्हें स्मूथीज़, ओटमील, या योगर्ट में डालकर खा सकते हैं।नट्स और नट बटर protein, healthy fats, और fiber में भरपूर होते हैं। ये आपको शक्ति देते हैं, और दिल की सेहत को भी बेहतर करते हैं।केला potassium से भरपूर होता हैं, जो blood pressure को कम करने में मदद करता हैं। इनमें fiber भी होता हैं, जो पाचन को बेहतर करता है। आप केले को स्मूथीज़ या ओटमील में डालकर खा सकते हैं।ग्रीक योगर्ट protein और calcium का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को बेहतर बनाता है। इसमें probiotics भी होते हैं, जो gut health के लिए फायदेमंद हैं। आप इसे फल, नट्स, और बीज के साथ मिलाकर पोषक नाश्ता बना सकते हैं।इन खानों को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करके, आप बेहद तंदुरुस्त बन सकते हैं।Source:-1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC8073301/ 2. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6567219/
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