गुदा के आसपास असुविधा एगो अइसन बात बा जेकरा बारे में लोग खुल के कमे बात करेला, बाकिर ई समस्या लोग के सोच से कहीं जादे आम बा। दर्द, जलन, खुजली, या छोट मोट घाव रोजमर्रा के काम, बइठे में आराम आ आत्मविश्वास पर असर डाल सकेला। अइसन हालत में डॉक्टर अक्सर बाहरी तौर पर लगावे वाला दवा बतावेलें जे त्वचा के आराम देवे आ ठीक होखे में सहारा देवे। एह में से एक नाम जे अक्सर सुनाई देला ऊ ह सुक्राल एनो क्रीम।ई लेख साफ आ अनुभव आधारित तरीका से बतावे के कोशिश कर रहल बा कि ई क्रीम (Sucral Ano Cream Uses in Bhojpuri) आमतौर पर काहे खातिर इस्तेमाल होला, ई कैसे काम करेले, लगावत समय का उम्मीद रखे के चाहीं, आ कवन सावधानी जरूरी बा। मकसद बस इहे बा कि बिना कठिन मेडिकल भाषा के आसान समझ देहल जा सके।सुक्राल एनो क्रीम का हसुक्राल एनो क्रीम (Sucral Ano Cream Uses in Bhojpuri) आमतौर पर गुदा क्षेत्र के तकलीफ आ छोट घाव के देखभाल खातिर लिखल जाला। एह में अइसन तत्व रहेला जे खराब भइल ऊतक के बचावे, जलन घटावे आ भराई खातिर अनुकूल माहौल बनाए में मदद करेला। बहुत लोग एह क्रीम से तब परिचित होखेला जब ऊ फिशर, बवासीर से जुड़ल जलन, या कवनो प्रक्रिया के बाद के देखभाल से गुजर रहल होखे।ई साधारण कॉस्मेटिक क्रीम ना ह। ई खास लक्षण के ध्यान में रख के बनावल गइल बा आ सीधे ओही जगह काम करेले जहाँ तकलीफ होखेला।डॉक्टर एह क्रीम के काहे सुझावेलेंगुदा में तकलीफ कई कारण से हो सकेला। छोट चीरा, सूजन, या मल त्याग के बाद जलन एह में शामिल बा। हालत के गंभीरता के हिसाब से इलाज बदल सकेला, बाकिर बाहरी क्रीम के फायदा ई बा कि ई सीधा प्रभावित जगह पर असर करेले।कुछ आम स्थिति जहाँ सुक्राल एनो क्रीम सलाह दिहल जा सकेला• स्थानीय सूजन आ संवेदनशीलता• मल त्याग के बाद जलन• एनल फिशर छोट दर्दनाक चीरा• बवासीर से जुड़ल जलन आ असुविधा• गुदा के मुहाने पर छोट घावहर मामला अलग होला। सही जांच जरूरी बा। क्रीम निदान के जगह ना ले सकेला, ई बस लक्षण में राहत देवे में सहारा देला।ई क्रीम भराई में कैसे मदद करेलाजब त्वचा जख्मी या चिढ़ल हो जाला त घर्षण, सूखापन आ मल के संपर्क भराई के धीमा कर सकेला। सुक्राल एनो क्रीम (Sucral Ano Cream Uses in Bhojpuri) प्रभावित जगह पर एक सुरक्षात्मक परत बना सकेले। ई परत आगे के जलन घटावे आ ऊतक के आराम से ठीक होखे में मदद करेले।बहुत लोग एह के लगावे के बाद ठंडक आ सुकून के एहसास बतावेला। सही तरीका से नियमित इस्तेमाल से फायदा अधिक महसूस हो सकेला।संभावित फायदा में शामिल बा• सतही जलन में कमी• प्राकृतिक भराई प्रक्रिया के सहारा• नाजुक त्वचा के घर्षण से बचाव• रोजमर्रा के काम में कम असुविधा• लगावत समय सुकून के एहसासइस्तेमाल से का उम्मीद रखल जावकवनो क्रीम तुरंत स्थायी इलाज ना दे सकेला। राहत धीरे धीरे मिलेले आ हर व्यक्ति में अलग हो सकेला। कई लोग पहिले जलन में कमी आ बइठे में आराम महसूस करेला, जबकि पूरा भराई में समय लग सकेला।असली सुधार नीचे के कारण पर निर्भर करेला जइसे मल त्याग के आदत, खानपान आ समग्र देखभाल।रोजमर्रा में सुक्राल एनो क्रीम के उपयोगई क्रीम हर तरह के गुदा समस्या खातिर सार्वभौमिक हल ना ह, बाकिर खास स्थिति में उपयोगी हो सकेला।आम उपयोग में शामिल हो सकेला• कवनो प्रक्रिया के बाद आराम खातिर• दर्दनाक फिशर में सहारा• नाजुक पेरिअनल त्वचा के सुरक्षा• कब्ज के जोर लगावे से भइल जलन• हल्का सूजन में आरामइस्तेमाल के समय आ अवधि डॉक्टर के सलाह से तय करे के चाहीं।सही तरीका से कैसे लगावल जावसही तरीका बहुत महत्वपूर्ण बा। बहुत जादे मात्रा या गलत तरीका फायदा कम कर सकेला।आमतौर पर ध्यान देवे लायक बात• प्रभावित जगह के धीरे से साफ आ सुखावल• तेज रगड़ से बचे• पतली परत लगावल• साफ हाथ या सलाह मिलल एप्लिकेटर के उपयोग• डॉक्टर बतावल आवृत्ति के पालनबेहतर नतीजा खातिर आदतबाहरी इलाज तब ज्यादा असरदार होला जब साथ में कुछ जीवनशैली बदलाव कइल जाव।• रेशा युक्त भोजन शामिल करे• बहुत देर तक कठोर जगह पर ना बइठे• हल्का सफाई रखे, तेज साबुन से बचे• पर्याप्त पानी पी के मल नरम रखे• मल त्याग के इच्छा के नजरअंदाज ना करेसंभावित साइड इफेक्टज्यादातर लोग एह क्रीम के सही तरीके से सह लेला। फिर भी कुछ हल्का प्रतिक्रिया हो सकेला।संभावित दुष्प्रभाव• दुर्लभ एलर्जी• हल्का लालिमा• लगावल जगह पर संवेदनशीलता• ज्यादा मात्रा में असुविधा• हल्की जलन या चुभनअगर लक्षण बढ़े या ठीक ना होखे त डॉक्टर से सलाह जरूरी बा।कब सावधानी जरूरी बाहर दर्द के खुद इलाज ना करे के चाहीं। ज्यादा खून आना, तेज सूजन, लगातार दर्द या असामान्य स्राव होखे त तुरंत जांच करावल जरूरी बा।अइसन हालत में डॉक्टर से मिलल जरूरी बा• संक्रमण के शक• लगातार खून• असामान्य त्वचा बदलाव• तेज दर्द में सुधार ना• लक्षण लंबा समय तक रहेकुछ गलतफहमीकई लोग सोचे ला कि खाली क्रीम से बवासीर या फिशर हमेशा खातिर ठीक हो जाई। असल में ई सहायक उपाय ह, पूरा इलाज के विकल्प ना।मानसिक राहतगुदा क्षेत्र के तकलीफ से मानसिक तनाव भी बढ़ सकेला। जब जलन कम होखे लागेला त डर आ चिंता में भी कमी आवेला। आराम मिले से रोजमर्रा जीवन बेहतर हो सकेला।इस्तेमाल के अवधिठीक होखे के समय हर व्यक्ति में अलग होला। छोट जलन कुछ दिन में ठीक हो सकेला, जबकि फिशर में जादे समय लग सकेला। धैर्य आ नियमितता जरूरी बा।निष्कर्षगुदा क्षेत्र के असुविधा परेशान करे वाला हो सकेला, बाकिर सही देखभाल से कई हालत में सुधार संभव बा। सुक्राल एनो क्रीम के इस्तेमाल (Sucral Ano Cream Uses in Bhojpuri) आमतौर पर चिढ़ल ऊतक के आराम देवे, नाजुक त्वचा के बचावे आ भराई में सहारा देवे से जुड़ल बा।सही उपयोग, संतुलित उम्मीद आ साफ सफाई के आदत बहुत महत्वपूर्ण बा। अगर लक्षण गंभीर या लगातार रहे त डॉक्टर के सलाह अनिवार्य बा। समझदारी से देखभाल ही आराम आ ठीक होखे के सबसे सुरक्षित रास्ता बा।अधिक जानकारी खातिरMedwiki फॉलो करीं।अक्सर पूछल जाए वाला सवाल1. सुक्राल एनो क्रीम(Sucral Ano Cream Uses in Bhojpuri) किन स्थिति में उपयोग हो सकेला?अक्सर फिशर, जलन, छोट घाव आ स्थानीय असुविधा में लिखल जाला।2. का बिना डॉक्टर सलाह इस्तेमाल कइल जा सकेला?बेहतर बा कि पेशेवर सलाह से ही उपयोग कइल जाव।3. राहत कितनी जल्दी मिल सकेला?कुछ लोग कुछ दिन में आराम महसूस करेला, बाकिर पूरा भराई कारण पर निर्भर करे ला।4. का साइड इफेक्ट हो सकेला?हल्की जलन या लालिमा हो सकेला। गंभीर लक्षण में जांच जरूरी बा।5. कैसे सही तरीका से लगावल जाव?आमतौर पर साफ आ सूखी त्वचा पर पतली परत डॉक्टर के निर्देश अनुसार लगावल जाला।6. का ई फिशर हमेशा खातिर ठीक कर देला?ई सहायक उपाय ह। स्थायी समाधान खातिर अन्य उपाय भी जरूरी हो सकेला।7. कब इस्तेमाल रोक देवे के चाहीं?अगर लक्षण बढ़े, अजीब प्रतिक्रिया होखे, या डॉक्टर बतावल समय पूरा हो जाव त सलाह लेवे के चाहीं।
मल में खून आवे के बहुत कारण हो सकता, लेकिन अधिकांश मामला में इ कवनो गंभीर समस्या के संकेत ना होखेला। आईं एकरा के विस्तार से समझल जाव.पाखाना में खून काहे आवता, अइसन अटकल मत लगाईं – सटीक जानकारी खातिर देखीं Ask Medwiki पर।सबसे पहिले इ पता लगावल जरूरी बा कि मल में खून बा कि ना?अगर शौचालय प लाल चाहे करिया दाग देखाई देता त घबराए से पहिले सोची कि हाल में का खईले बानी। कुछ खाद्य पदार्थ आपके मल के रंग बदल सकता, जईसे कि -चुकंदर, क्रैनबेरी, टमाटर अवुरी लाल फूड डाई से बनल खाद्य पदार्थ आपके मल के लाल क सकता।ब्लूबेरी, करिया नद्यपान अवुरी कुछ दवाई, जईसे कि पेप्टो बिस्मोल चाहे काओपेक्टेट, आपके मल के करिया बना सकता।लेकिन, जदी आपके पक्का विश्वास बा कि मल में खून बा, त अगिला कदम इ समझल बा कि खून कहां से आवता।खून के रंग देख के पता लगावल जा सकेला कि शरीर के कवना हिस्सा से इ खून आवत बा।अगर खून चमकदार लाल रंग के होखे त उ गुदा चाहे मलाशय जईसन हिस्सा के आसपास से आ सकता।अगर खून गहरे लाल भा मैरून रंग के होखे त छोट आंत भा बड़ आंत के ऊपरी हिस्सा से आ सकेला।अगर खून करिया, टार निहन देखाई देवे त उ पेट, अन्ननलिका चाहे पाचन तंत्र के कवनो ऊपरी हिस्सा से आ सकता।अब समझल जाव मल में खून बहला के कारण का हो सकेला?मल में खून बहला के कई गो कारण हो सकेला, जइसे कि-बवासीर (Hemorrhoids)इ बहुत आम समस्या बा। बवासीर गुदा के भीतर भा बाहर हो सकता, जवन कि कबो-कबो सूज जाला, जवना के चलते मल में खून आवे लागेला।गुदा में दरार (Anal Fissure)कई बेर गुदा के त्वचा प छोट-छोट कटौती चाहे दरार पैदा हो जाला, जवना के चलते मल के दौरान अवुरी ओकरा बाद दर्द अवुरी खून बह सकता।Diverticulosis आ Diverticulitisजब बड़की आंत के दीवार में छोट-छोट पाउच बनेला त एकरा के Diverticulosis कहल जाला। अगर ई पाउच सूज जाला भा संक्रमित हो जाला त एकरा के Diverticulitis कहल जाला। आ, एहसे मल में खून आ सकेला.Peptic Ulcerजब पेट में बनल एसिड पेट के सुरक्षा परत के नुकसान पहुंचावेला त उहाँ अल्सर बन सकता। एह अल्सर से कबो-कबो खून बह सकेला, जवना से मल करिया अवुरी टार निहन देखाई दे सकता।Inflammatory Bowel Disease - IBDUlcerative colitis अवुरी Crohn's disease जईसन बेमारी से आंत में सूजन होखेला, जवना के चलते मल में हल्का चाहे ज्यादा खून हो सकता।अब जानल जाव मल में खून बहला के लक्षण का होला?कई बेर त इहो ना बुझाला कि मल में खून बा। लेकिन कुछ मामला में आपके इ लक्षण महसूस हो सकता, जईसे कि -पेट में दर्दकमजोरी आ चक्करसाँस लेवे में दिक्कतबार-बार दस्तदिल के धड़कन तेजउल्टीबेहोश महसूसत, मल में खून बहला पर कब डॉक्टर के पास जाए के चाहीं?जइसहीं ई लक्षण लउकेला, बिना देरी कइले डाक्टर से मिलीं :तीन हफ्ता से अधिक मल में खून - गुदा में बहुत दर्द- पेट में गांठ भा सूजन- बहुत खून निकललमल पहिले से पतला, लंबा भा नरम अवुरी तीन सप्ताह से जादे समय से अयीसन समस्याखून बहला के कवनो कारण नइखे (जइसे ना त कब्ज होखे ना दस्त)- खून बहला के साथ बोखार, ठंढा, कमजोरी, बेहोशी, उल्टी भा बेहद थकान आवेला।अगर केहु के इ समस्या बा त डॉक्टर से जांच करावल बहुत जरूरी बा।Source:- 1. https://www.nhs.uk/conditions/bleeding-from-the-bottom-rectal-bleeding/2. https://www.nhs.uk/conditions/anal-fissure/3. https://www.mdanderson.org/cancerwise/when-to-worry-about-blood-in-your-stool.h00-159545268.htm4. https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/gastrointestinal-bleeding/symptoms-causes5. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK563143/
जब ब्लड प्रेशर 90/60 मिमी एचजी भा ओकरा से कम होखे त एकरा के लो ब्लड प्रेशर कहल जाला।कम ब्लड प्रेशर से चक्कर आवे, कमजोरी भा कबो-कबो बेहोशी जईसन समस्या हो सकता। लेकिन, कुछ आसान उपाय से एकरा के नियंत्रित कईल जा सकता। आईं जानल जाव कि कइसेखाना में तनी अउरी नमक डाल दींसोडियम नमक में पावल जाला जवन शरीर में हाइड्रेशन के बनावे राखे में मदद करेला अवुरी ब्लड प्रेशर बढ़ावे में मददगार होखेला। जब शरीर में सोडियम के मात्रा कम हो जाला त तब ब्लड प्रेशर भी गिर सकता।एहसे जदी आपके ब्लड प्रेशर कम रहे त आप अपना खाना में तनिका जादा नमक डाल सकतानी। लेकिन अयीसन करे से पहिले डॉक्टर से सलाह लीही।शरीर के हाइड्रेटेड रखे के चाहींशरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी होखल बहुत जरूरी बा, काहेंकी ब्लड प्रेशर सिर्फ पानी के संगे संतुलित रहेला। जब आप पानी कम पीयेनी त शरीर में खून के बहाव धीमा हो जाला अवुरी एकरा से ब्लड प्रेशर भी कम हो सकता।खास तौर प गर्मी के दिन चाहे जादा पसीना आवेला त शरीर में पानी के कमी हो सकता, जवना से कमजोरी अवुरी चक्कर आवे के समस्या बढ़ सकता।एहसे जदी आपके ब्लड प्रेशर कम रहेला त दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीयल जरूरी बा। नारियल के पानी, फल के रस अवुरी सूप भी शरीर के हाइड्रेटेड राखे खाती निमन विकल्प बा।शराब के सेवन कम करींशराब शरीर के dehydrate क सकता, माने कि इ शरीर से फालतू पानी के दूर क देवेला। जब शरीर में पानी के मात्रा कम होखेला त शरीर में खून के मात्रा कम हो जाला, जवना के चलते ब्लड प्रेशर कम हो सकता।शराब से खून के नली चौड़ा हो जाला। लेकिन जदी आपके ब्लड प्रेशर कम बा त शराब पियला से शरीर में खून के बहाव धीमा हो जाला, जवना से आपके चक्कर भी आ सकता। एहसे शराब पीये से बची।एके बेर में ज्यादा खाए के बजाय छोट-छोट खाना खाईंबहुत लोग के खाना खईला के बाद अचानक ब्लड प्रेशर में गिरावट के समस्या होखेला, जवना के Postprandial Hypotension कहल जाला। जब आप एक बेर में जादा खाएनी त पाचन खाती पेट में जादा खून जाला, जवना से शरीर के बाकी हिस्सा में खून के बहाव कम हो जाला अवुरी ब्लड प्रेशर भी कम होखे लागेला।एकरा से बचाव के सबसे बढ़िया तरीका बा कि दिन भर छोट-छोट खाना खईल जाए अवुरी कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीज़ खाए से परहेज कईल जाए। हल्का नाश्ता, प्रोटीन से भरपूर आहार अवुरी फाइबर से भरपूर खाना आपके शरीर के निमन ऊर्जा दिही अवुरी ब्लड प्रेशर के संतुलित राखे में मदद करी।Compression Socks पहनींCompression Socks से गोड़ प हल्का दबाव आवेला अवुरी ब्लड प्रेशर में सुधार होखेला। आमतौर प जब आप बहुत देर तक खड़ा होखेनी त गोड़ में खून जमा हो सकता अवुरी एकरा चलते ब्लड प्रेशर कम हो सकता।Compression Socks गोड़ में खून जमा होखे से रोकेला अवुरी ओकरा के वापस दिल में भेजे में मदद करेला। एहसे चक्कर आवे के समस्या भा अचानक कमजोरी के एहसास कम हो सकता।ए छोट-छोट उपाय के अपना के आप अपना ब्लड प्रेशर के बेहतर तरीका से नियंत्रित क सकतानी।Source:- 1. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK499961/2. https://www.nhlbi.nih.gov/health/low-blood-pressure3. https://health.clevelandclinic.org/what-to-do-if-blood-pressure-is-to-low4. https://www.webmd.com/heart/ss/slideshow-guide-low-blood-pressure5. https://www.webmd.com/heart/understanding-low-blood-pressure-basics
Genital herpes, herpes simplex virus (HSV) के वजह से होला, अउर ई गुप्ताँग पर दर्दनाक घाव आ छाला के कारण बन सकत बा।Genital herpes के बारे में अबहियों सवाल बा? भरोसेमंद सोर्स से सही जवाब पाईं Ask Medwiki पऽ।चलीं, जानल जाव genital herpes के ठीक करे के 6 आसान तरीका!गुप्ताँग के साफ़ रखींघाव आ छाला वाला हिस्सा के सादा पानी से धोके infections से बचाव होखेला आ खुजली में भी कमी आवेला। ई तरीका गुप्ताँग से bacteria दूर करेला आ छाला के ज्यादा खराब होखे से बचाव करेला।Petroleum Jelly या Painkilling Cream के इस्तेमाल करींआप petroleum jelly, जैसे Vaseline, के छाला पर लगा सकत बानी। ई skin के moist रखेला आ छाला के सूखने से रोकता। अगर बहुते ज़्यादा दर्द हो रहल बा, त pain-relieving cream try करीं। एह में lidocaine होखेला, जवन गुप्ताँग के सुन्न कर देला आ दर्द में राहत मिलेला।पेशाब करत समय पानी डालल करींअगर आपके genital herpes बा, त पेशाब करत घरी दर्द हो सकेला, बाकि एक तरीका बा जवन एकरा के आसान बना सकत बा। जब आप पेशाब कर रहल बानी, त अपने गुप्ताँग पर पानी डालीं । पानी urine के dilute करेला, जवन पेशाब करत समय दर्द में कमी करेला।शहद (Honey) के इस्तेमाल करींशहद में antiviral properties होखेली जवन गुप्ताँग के छाला के जल्दी ठीक करे में मदद करेला। ई inflammation के कम करेला आ healing process के तेज करेला। शहद के गुप्ताँग पर लगावे से दर्द आ जलन में राहत मिलेला आ घाव जल्दी भर जाला।Zinc Supplements लींZinc एगो mineral बा जवना में antiviral properties होखेला, जवन herpes virus के fight करे में मदद करेला। Zinc supplements लेके आपका immune system improve होखेला आ ई virus के फैले से रोकेला।लहसुन (Garlic) के इस्तेमाल करींलहसुन एगो natural remedy बा जवन genital herpes के ठीक करे में मदद कर सकेला। एहमें allicin नामक compound होला, जवना से genital herpes के लक्षण कम होखेला आ छाला जल्दी ठीक होखेला। लहसुन के तेल लगावे से HSV infection कम होखेला आ दर्द में राहत मिलेला।ई steps के follow करके, आप genital herpes के symptoms manage कर सकत बानी।Source:-1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC5177552/2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK525769/3. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK396233/4. https://www.webmd.com/genital-herpes/guide-chapter-genital-herpes-treatment5. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/genital-herpes
Uric Acid हमनी के शरीर में बने वाला एगो प्रकार के रसायन ह, जवना के सामान्य स्तर 3.5 से 7.2 मिलीग्राम/डीएल के बीच होखेला। जब शरीर में Uric Acid बढ़ेला त एकरा के hyperuricemia भा Uric Acid के मात्रा जादा भी कहल जाला जवन कि हमनी के शरीर के नुकसान पहुंचावेला।Uric Acid के नियंत्रित करे खातिर ए सभ चीज़ के अपना आहार में शामिल कईल मत भूलीं।बिना मलाई वाला दूध पियला से Uric Acid के स्तर के नियंत्रित कईल जा सकता। शोध के मुताबिक, इ हमनी के शरीर में मौजूद जादा Uric Acid, पेशाब के संगे बाहर निकाले में भी मदद करेला। संगही, दूध में मौजूद प्रोटीन अवुरी कैल्शियम हमनी के मांसपेशी अवुरी हड्डी के मजबूत बनावेला।कॉफी में मौजूद chlorogenic एसिड अवुरी एंटीऑक्सीडेंट Uric Acid के नियंत्रित करे में मदद करेला। Purine हमनी के शरीर में एगो रासायनिक यौगिक ह, जवन Uric Acid में बदल जाला। Coffee Purine के Uric Acid में बदले के प्रक्रिया के धीमा क देवेले। एकरा संगे-संगे Coffee पियला से Uric Acid भी पेशाब के संगे तेजी से निकलेला।भरपूर पानी पियला से Uric Acid के स्तर के नियंत्रित करे के सबसे आसान तरीका बा। इ हमनी के शरीर से विषाक्त पदार्थ के बाहर निकाले में मदद करेला। रोज 5 से 8 गिलास पानी पियला से मूत्र के संगे शरीर से Uric Acid निकलेला। पानी के कमी से शरीर में Uric Acid बढ़ सकता, एहसे आपके शरीर के हाइड्रेटेड राखल बहुत जरूरी बा।मांस अवुरी समुद्री भोजन जईसे लाल मांस, shellfish, अवुरी sardines में Purine के मात्रा जादा होखेला। Purine Uric Acid में बदल सकता अवुरी हमनी के स्वास्थ्य के नुकसान पहुंचा सकता। एहसे शाकाहारी प्रोटीन के विकल्प जईसे मसूर, सोयाबीन, अवुरी टोफू के अपना आहार में शामिल करीं।फल अवुरी सब्जी जईसे सेब, केला, खीरा, गोभी, अवुरी पालक में Purine के मात्रा कम होखेला। एकरा में एंटीऑक्सीडेंट अवुरी फाइबर जादा होखेला, जवन कि शरीर के स्वस्थ राखेला। फल-सब्जी भी शरीर के pH के संतुलित राखेला अवुरी Uric Acid के नियंत्रित करे में मदद करेला।चावल, पास्ता, अवुरी अनाज जईसन खाद्य पदार्थ Uric Acid के नियंत्रित करे में मदद करेला। एहमें Complex Carbohydrates होला जवन शरीर के ऊर्जा देला आ ब्लड शुगर के संतुलित भी राखेला। एहसे ब्राउन राइस अवुरी क्विनोआ जईसन साबुत अनाज के अपना आहार में शामिल करीं। ए सभ चीज़ के अपना आहार में शामिल करीं अवुरी बढ़त Uric Acid के नियंत्रित करीं।Source:- 1. https://my.clevelandclinic.org/health/treatments/22548-gout-low-purine-diet2. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/17808-hyperuricemia-high-uric-acid-level3.https://www.ruh.nhs.uk/patients/services/clinical_depts/dietetics/documents/Dietary_Advice_For_Gout.pdf4. https://yourhealth.leicestershospitals.nhs.uk/library/csi/dietetics/2590-diet-and-nutrition-advice-when-you-have-gout/file5. https://www.nhs.uk/conditions/gout/
Bird Flu एगो बीमारी हवे जे H5N1 या H7N9 इन्फ्लूएंजा वायरस से होला। ई बीमारी मुख्य रूप से पक्षियन में फइलत बा, लेकिन अगर कवनो इंसान इंफेक्टेड जानवर से संपर्क करे त ओकरा के भी Bird Flu हो सकेला।कइसे फ़ैलेला Bird Flu?Bird Flu तब फ़ैलेला जब इंसान इंफेक्टेड जानवर के शरीर के Liquids, जइसे Saliva, म्यूकस, या Faeces के संपर्क में आवे ला।Bird Flu के इंसान से इंसान में फइलला के चांस बहुत कम होला।Bird Flu के का लक्षण बा?Bird Flu के कुछ आम लक्षण बा:बुखारखांसीगला में दर्दमसल्स में दर्दथकानआंख में जलन या सूजनसांस लेवे में दिक्कतकौन लोग Bird Flu से ज्यादा खतरे में बा?किसान आ ओ लोग जे पोल्ट्री फार्म या चिड़ियाघर में काम करत बा उ लोगन के Bird Flu से सबसे ज्यादा खतरा होला!Bird Flu से कइसे बाचल जाव?Bird Flu से बचला खातिर एह बातन पर ध्यान दीं:जानवरन से संपर्क में आवे पर हमेशा Gloves, Mask, आ Goggles पहिनल जाव।जानवरन के छूए के बाद हाथ ठीक से धोएं।बिमार जानवरन से दूर रहल जाव।अगर आप अक्सर पक्षियन के संपर्क में बा त, घर में घुसे से पहले जूता बाहर ही उतार दीं।फ्लू के वैक्सीनेशन जरूर लगवाई ।Bird Flu के इलाज कइसे कइल जाला?कुछ एंटीवायरल दवाई बा जे Bird Flu के लक्षणन के राहत देवे में मदद करे ला। अगर दवाई ले के भी आराम ना मिले त, तुरंते डॉक्टर से सलाह लीं।Source:- 1. https://www.webmd.com/cold-and-flu/what-know-about-bird-flu2. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/22401-bird-flu3. https://www.nhs.uk/conditions/bird-flu/4. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK553072/5. https://111.wales.nhs.uk/encyclopaedia/a/article/avianflu(birdflu)To stay safe from this disease, protect yourself.
सबसे पहिले त हमनी के ई समझल जाओ कि बवासीर का होला? बवासीर, ई अइसन स्थिति हवे जेह में गुदा आ मलाशय के आसपास के नस सूज भा सूजन हो जाले।ए नस के सूजन के चलते आसपास के कोशिका में खून के बहाव बढ़ जाला, जवना के चलते गुदा द्वार में दर्द अवुरी जलन हो सकता।बवासीर कई तरह के होला जइसे कि:आंतरिक बवासीर (Internal Piles): इ गुदा के भीतर मौजूद होखेला, जवना के आप ना त देख सकतानी अवुरी ना महसूस क सकतानी। एकरा से जादे दर्द ना होखेला, लेकिन जब आप Potty करब त खून बह सकता।बाहरी बवासीर (External Piles): इ गुदा के बाहरी त्वचा प मौजूद होखेला। चलत घरी भी बहुत दर्द हो सकेला।बाहर निकली हुई बवासीर ( Prolapsed piles) : जब गुदा से आंतरिक बवासीर निकलेला त ओकरा के Prolapsed बवासीर कहल जाला। इ एगो गंभीर मामला बा, जवना में आपके दर्द, खुजली अवुरी सूजन के अनुभव हो सकता।थ्रोम्बोसेड बवासीर (Thrombosed Piles): इ तब होखेला जब बाहरी बवासीर में खून के थक्का बन जाला। एकरा से बहुत दर्द होखेला अवुरी बवासीर के आसपास के इलाका भी बैंगनी चाहे नीला रंग के हो सकता।बवासीर के कारण का होला?बवासीर तब होखेला जब आपके गुदा में जादा दबाव होखेला। अइसन कई कारण से हो सके ला जइसे कि:मल पास करत घरी बहुत जोर लगाबे परेलाभारी वस्तु उठावलअधिक वजन के होखे सेगर्भधारण के समयकम फाइबर वाला खाद्य पदार्थ खाइलकब्ज भा दस्तबवासीर होखे के खतरा कब बढ़ जाला ?कुछ अइसन स्थिति बाड़ी जवना से बवासीर होखे के खतरा बढ़ सकेला:अगर रउरा माई-बाबूजी के बवासीर रहे त रउरा भी हो सकेला।उमर बढ़ला के संगे लोग के नस के ताकत कम होखला के चलते बवासीर के असर जादे होखेला।गर्भावस्था के दौरान शरीर के निचला हिस्सा प दबाव बढ़ जाला, जवना से बवासीर होखे के खतरा भी बढ़ जाला।अगर आप बहुत देर तक बईठल बानी त एकरा से गुदा के नस प दबाव पड़ेला जवना के चलते आपके बवासीर हो सकता।Source:- 1. https://www.webmd.com/digestive-disorders/ss/slideshow-hemorrhoids2. https://www.webmd.com/digestive-disorders/understanding-hemorrhoids-basics3. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3342598/4. https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids5. https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/definition-facts
आजकल Human Metapneumovirus (HMPV) के बहुत मामला सामने आ रहल बा, आ चीन के साथे भारत में भी कुछ केस पावल जा रहल बा। देखल गइल बा कि 5 साल से कम उमिर के बच्चा सभ में HMPV के खतरा ढेर होला,हालांकि, इ संक्रमण के खतरा बड़ उमर में भी बनल रहेला।HMPV के लक्षण :Human Metapneumovirus (HMPV) के लच्छन लगभग सामान्य खांसी आ सर्दी के लच्छन नियर होला।ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के लच्छन लगभग सामान्य खांसी आ सर्दी के लच्छन नियर होला। ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण के लक्षण बा : खांसी नाक बहल अवुरी गला में खराश। जबकि निचला श्वसन तंत्र में संक्रमण के लक्षण बा : दमा में तेजी से बढ़ोतरी, खांसी में कर्कश आवाज आ निमोनियाHMPV कइसे फैलेला ?HMPV (Human Metapneumovirus) एगो अइसन वायरस हवे जे संक्रमित ब्यक्ति के सीधा संपर्क में आ के या संक्रमित चीज के छू के फइल जाला। जइसे कि खांसी भा छींकत घरी निकले वाला बूंद के संपर्क में आवे से, संक्रमित आदमी के हाथ मिलावे से, गले लगावे भा चुम्मन लेबे से भा संक्रमित आदमी के छूवल चीजन के छूवे से.Diagnosis के तरीके :डाक्टर लोग ज्यादातर HMPV के निदान लच्छन आ स्वास्थ्य इतिहास देख के करे ला। कई बेर Swab के इस्तेमाल से नाक भा गला से Sample लेके लैब टेस्ट खातिर भेजल जाला। लेकिन इ लैब टेस्ट तबे कईल जाला जब लक्षण बहुत गंभीर होखेHMPV के इलाज :HMPV के रोकथाम भा इलाज खातिर अबहीं ले कवनो टीका भा दवाई उपलब्ध नइखे, देखल गईल बा कि एकर इलाज ज्यादातर घर में कईल जा सकता, जदी लक्षण अवुरी खराब हो गईल अवुरी अस्पताल में भर्ती होखे के जरूरत बा, त उहाँ आपके स्वास्थ्य के बढ़िया से निगरानी कईल जा सकता।अगर रउरा साँस लेबे में दिक्कत होखे त ऑक्सीजन मास्क से सहारा दिहल जा सकेला.रउरा के हाइड्रेटेड राखे खातिर IV के माध्यम से तरल पदार्थ दिहल जा सकेला।कुछ गंभीर लक्षण से राहत देवे खातिर स्टेरॉयड दिहल जा सकता।HMPV से कइसे बचे के चाहीं ?HMPV के जोखिम से बचे खातिर एह चीजन के ध्यान राखीं :बार-बार साबुन से हाथ धोईं/ सेनेटाइजर के इस्तेमाल करींखांसी आ सर्दी होखे वाला लोग से दूरी बनाईंबार-बार मुँह ना छूवे के चाहींसाफ-सुथरा खाना खाईं/ आपन खाना साझा ना करींई संक्रमण निश्चित रूप से खतरनाक होला बाकी सही आ समय पर निदान आ इलाज के मदद से अधिकतर मामिला में सुधार देखल गइल बा।एह वीडियो में बतावल तरीका के ध्यान में राखीं आ HMPV वायरस से बचाव करींSource:-1. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/22443-human-metapneumovirus-hmpv 2. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/22443-human-metapneumovirus-hmpv
Shorts
विश्व पोलियो दिवस : पोलियो के टीका काहे महत्व राखेला!
Mrs. Prerna Trivedi
Nutritionist
केरल के एगो 14 साल के लईका के निपाह वायरस से मौत।
Dr. Beauty Gupta
Doctor of Pharmacy











